इलाहाबाद। स्कूली छात्राओं को सड़क पर शोहदे तंग करते हैं तो टेंपो-ऑटो में भी वे सुरक्षित नहीं। बृहस्पतिवार सुबह घूरपुर इलाके में पांचवी कक्षा की एक छात्रा स्कूल के लिए खॉली ऑटो में बैठी तो ड्राइवर उसे स्कूल के पास उतारने की बजाय अगवाकर तेज रफ्तार में लेकर शहर की तरफ लेता आया। संयोग अच्छा रहा कि नए यमुना पुल पर पुलिस वाहनों को रोककर जांच कर रही थी, इसलिए पकड़े जाने के डर से उसने रो रही छात्रा को टेंपो से उतारा और भाग गया। फिर छात्रा नैनी में अपनी मौसी के घर पहुंची तो उसे घर ले जाया गया। शाम को पुलिस को घटना की तहरीर दी गई।
घूरपुर के करमा इलाके में रहने वाली शाहीना बेगम के पति का इंतकाल हो चुका है। उसकी 12 साल की बेटी रजिया (दोनों नाम काल्पनिक) घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्कूल में पांचवी कक्षा की छात्रा है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे वह घर से स्कूल के लिए निकलकर एक ऑटो में बैठी। ऑटो में ड्राइवर के अलावा कोई नहीं था। रजिया पर ड्राइवर की नीयत डोल गई। वह उसे स्कूल के पास उतारने की बजाय गौहनिया और नैनी होते हुए शहर की तरफ ले आया। रजिया रोने लगी लेकिन तेज रफ्तार टेंपो पर किसी का ध्यान नहीं गया। गनीमत यह रही कि टेंपो नए यमुना पुल पर पहुंचा तो वहां पुलिस ने चेकिंग लगा रखी थी।
पुलिस को गाड़ियों की चेकिंग करता देख टेंपो ड्राइवर घबरा गया। वह रो रही रजिया को टेंपो से उतारकर भाग गया। रजिया ने रोते हुए पुल पर मौजूद लोगों को घटना की जानकारी दी और कहा कि रीवा रोड पर डांडी में उसकी मौसी कमरजहां रहती हैं। लोगों ने उसे मौसी के घर पहुंचा दिया। वहां से उसे दोपहर बाद करमा के पास घर ले जाया गया। शाम को घूरपुर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। एसओ घूरपुर बिहागड़ सिंह यादव ने इस बाबत कहा कि जांच के दौरान टेंपो ड्राइवर का पता लगाकर उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी।