व्हाट्स एप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग मामले की जांच के लिए गठित कमेटी पर छात्र सहमत नहीं हैं। छात्रों ने कमेटी के गठन के तरीके पर आपत्ति जताई है। शुक्रवार को दिनभर छात्रों ने विवि के छात्रावासों एवं डेलीगेसी में संपर्क अभियान चलाकर कुलपति के खिलाफ चल रहे आंदोलन में समर्थन मांगा। छात्रों ने सवाल उठाया है कि कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के अवकाश पर चले जाने के बाद उनके मातहत कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र कैसे स्थायी जांच कमेटी का गठन कर सकते हैं। यह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है।
छात्र कुलपति पर लगे आरोपों की जांच मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कमतर किसी संस्था से करने पर तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग से की जा चुकी है। इसके अलावा गठित जांच कमेटी में किसी महिला के न होने पर भी आपत्ति जताई है। सवाल उठाया है कि कमेटी के नोडल अधिकारी विवि के असिस्टेंट रजिस्ट्रार हैं, जिनकी नियुक्ति अभी एक महीने पहले हुई और वह प्रोबेशन पर हैं। वह कुलपति के मातहत हैं, ऐसे में जांच प्रभावित हो सकती है।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह एवं पूर्व अध्यक्ष रोहित मिश्र ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत कराने के साथ विवि की ओर से जांच के नाम पर हो रही लीपापोती से अवगत कराया है। उन्होंने मंत्रालय से तत्काल जांच कमेटी गठित कर विवि की ओर से गठित कमेटी को भंग करने की मांग की है।