यमुनापार के करछना इलाके में सोमवार को ऐन त्योहार पर हुए हादसे से दो परिवारों में मातम पसर गया। ननिहाल में रहने वाला छात्र आकाश तालाब में भैंस को धोते समय गहरे पानी में डूब गया। उसे बचाने में किसान ननकऊ भी गहरे पानी में समा गया। ग्रामीणों ने दोनों को तालाब से निकाला लेकिन उनकी मौत हो गई। खबर पाकर पहुंची करछना थाने की पुलिस ने दोनों शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
अरैल नैनी निवासी बुद्धिमान का पुत्र आकाश कुमार (14) करछना के बस्तर में अपने मामा महेंद्र भारतीय के पास रहकर कक्षा सात में पढ़ाई कर रहा था। सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे वह मामा की भैंस को पानी पिलाने और धोने के लिए तालाब पर ले गया था। वह भैंस के साथ गहरे पानी में जाकर डूबने-उतराने लगा। उसे डूबता देख किसान ननकऊ गौड़ (35) ने बचाने की कोशिश की लेकिन आकाश को खींचने की कोशिश में वह भी गहरे पानी में चला गया।
दोनों डूब गए। तालाब किनारे मौजूद लोगों ने देखा तो किसी तरह उन दोनों को बाहर निकाला। आकाश की दम घुटने से मौत हो चुकी थी। ननकऊ को अस्पताल ले जाया गया मगर उसकी भी जान नहीं बची। दशहरा से एक रोज पहले इस घटना से कोहराम मच गया। दोनों परिवार के लोग रोने-कलपने लगे। अरैल से आकाश के परिजन पहुंच गए। ननकऊ की पत्नी तीन महीने की बेटी को गले लगाकर बिलखने लगी।