लगातार धरपकड़ के बावजूद शहर में नाजायज असलहों की खपत बढ़ती जा रही है। इस गोरखधंधे पर चोट पहुंचाते हुए स्पेशल टॉस्क फोर्स की इलाहाबाद यूनिट ने मध्य प्रदेश के खंडवा से लाकर नाजायज हथियार बेचने वाले गिरोह के तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे चार पिस्टल और दो नाजायज तमंचों के अलावा मैगजीन और कारतूस बरामद हुए हैं। अब इस गिरोह के बाकी लोगों की तलाश की जा रही है।
मध्य प्रदेश और बिहार से अवैध हथियारों की तस्करी पर अंकुश के लिए एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने पिछले दो साल के दौरान कई बार तस्करों को गिरफ्तार कर असलहों की बरामदगी की है। एसटीएफ के इलाहाबाद फील्ड यूनिट के डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह चौहान के नेतृत्व में गठित टीम के उपनिरीक्षक अतुल कुमार सिंह को बुधवार दोपहर सूचना मिली कि करेली में करामत की चौकी इलाके में एक व्यक्ति अवैध असलहों की खेप के साथ पहुंच रहा है। एसटीएफ की टीम ने वहां घेराबंदी कर दोपहर करीब सवा दो बजे एक व्यक्ति को पकड़ लिया।
उसके पास बैग में प्वाइंट 32 बोर के तीन पिस्टल, नाइन एमएम की एक पिस्टल, 315 बोर के दो तमंचे, प्वाइंट 32 बोर के पांच मैगजीन, प्वाइंट नाइन एमएम के दो मैगजीन, दो कारतूस, एक मोबाइल फोन, 530 रुपये, खंडवा से जसरा तक का ट्रेन टिकट, खंडवा रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म टिकट मिला। बरामद तीन पिस्टल पर मेड इन यूएसए लिखा था। असलहा तस्कर मनोज निषाद उर्फ बबलू लालापुर इलाके के बेला मुंडी गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह इंटर तक पढ़ाई के बाद मुंबई चला गया था।
मगर वहां काम में मन नहीं लगा तो वापस गांव आकर खेती करने लगा। यहां उसकी मुलाकात कैलाश भारतीय से हुई जिसने उसे खंडवा से हथियारों की तस्करी करने पर अच्छी कमाई का भरोसा दिया। पैसों के लिए मनोज खंडवा जाकर अवैध पिस्टल और तमंचा लाकर यहां कैलाश तक पहुंचाने लगा। उसे हर खेप में दो से तीन हजार रुपये दिए जाते। वह करीब 12 खेप में खंडवा से 70 पिस्टल लाकर यहां पहुंचा चुका है। खंडवा में वह रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद वहां से बस में 30 किलोमीटर दूर देशगांव जाता। वहां उसे एक व्यक्ति पहाड़ी पर ले जाकर हथियारों की खेप देता। तब यहां से कैलाश हथियार विक्रेता के खाते में पैसे डाल देता। खंडवा से पिस्टल 15 से हजार रुपये में लाकर यहां 25 हजार रुपये से ज्यादा में बेचे जाते हैं।
चौकाने वाली बात यह है कि अवैध हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार प्रतापगढ़ जिला कारागार में बंद अपराधी अली अहमद है। अली के गैंग के लोग अवैध हथियार खरीदकर बदमाशों को सप्लाई करते हैं। पिछले साल भर में पकड़े गए तीन असलहा तस्करों से पूछताछ में अली अहमद का नाम सामने आया। बुधवार को गिरफ्तार मनोज ने भी बताया कि वह प्रतापगढ़ में अली के गुर्गे अतीक को हथियार देने जा रहा था।