शुआट्स कुलपति आरबी लाल के खिलाफ दर्ज मामलों की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शासन की संस्तुति पर सिविल लाइंस में दर्ज एक्सिस बैंक घोटाले और मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी याचिकाओं के मामलों के दस्तावेज सीबीआई को सौंप दिए गए। जांच कर रही सीबीआई टीम ने इलाहाबाद पुलिस से एफआईआर की कॉपी अंग्रेजी में उपलब्ध कराने को कहा है।
शुआट्स कुलपति आरबी लाल समेत अन्य के खिलाफ सिविल लाइंस में एक्सिस बैंक घोटाले की एफआईआर 2017 में दर्ज हुई थी। इस मामले में शुआट्स कुलपति आरबी लाल, एसबी लाल, एके लॉरेंस, बरनवास एस लाल, राबिन एल प्रसाद, स्टीफन दास तथा एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। विश्वविद्यालय के लोगों के अलावा एक्सिस बैंक के कई कर्मचारियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल है। इसके अलावा कैंट थाने में आरबी लाल और दो वकीलों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप लगाया गया था कि दो दर्जन से अधिक मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गईं और कई मामलों में एकपक्षीय आदेश प्राप्त कर इनका अपने फायदे के लिए इस्तेमाल लिया गया। इसकी विवेचना सबसे पहले इंस्पेक्टर कैंट राकेश कुमार अवस्थी ने की। बाद में उनका स्थानांतरण हो गया। दो और इंस्पेक्टर ने विवेचना की। कुछ समय पहले एसएसपी ने इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।
सिविल लाइंस और कैंट में दर्ज मामलों की जांच शासन ने 12 सितंबर को सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने जांच शुरू करने से पहले इलाहाबाद के दोनों थानों से पूरे दस्तावेज मंगाए। पुलिस ने दोनों ही मामलों में जो एफआईआर सौंपी थी, वह हिंदी में थी। सीबीआई की जांच टीम ने पांच अक्टूबर को पत्र भेजकर दोनों मामलों की एफआईआर अंग्रेजी में उपलब्ध कराने को कहा है। एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद सीबीआई की टीम शहर आकर जांच शुरू कर देगी। इस मामले में भाजपा नेता दिवाकर नाथ त्रिपाठी का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है।
सीबीआई जांच का आदेश शुआट्स की जीत : प्रवक्ता
शुआट्स के प्रवक्ता एसबी सिंह और परवेज अख्तर अंसारी ने बताया है कि सीबीआई जांच का आदेश विश्वविद्यालय की जीत है। विश्वविद्यालय के तमाम अधिकारियों ने राज्यपाल से मिलकर बताया था कि कुछ लोग विश्वविद्यालय के विरुद्ध षड्यंत्र कर रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस प्रशासन के द्वारा लगातार एफआईआर और उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है। राज्यपाल से गुजारिश की गई थी कि शुआट्स कुलपति समेत अन्य के खिलाफ जितने मामले हैं, उनकी जांच सीबीआई या सीबीसीआईडी को सौंप दिया जाए। दोनों प्रवक्ताओं ने बताया कि शुआट्स के प्रार्थनापत्र पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पर कार्रवाई के लिए कहा था। राज्यपाल के पत्र के बाद ही शासन ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों को को यकीन है कि अब उनके साथ न्याय होगा।