एक्सिस बैंक में शुआट्स के 23. 92 करोड़ रुपये के गबन की जांच पूरी होने तक क्राइम ब्रांच ने शुआट्स के प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर एसबी लाल, विनोद बीलाल सहित आधा दर्जन पदाधिकारियों के विदेश जाने पर रोक लगाने के आदेश स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को दिए हैं। क्राइम ब्रांच को आशंका है कि कुछ आरोपी बिना जानकारी दिए विदेश निकल सकते हैं। कुछ अधिकारी आरोपी नहीं है लेकिन उनको जांच में सहयोग के लिए यहीं रहने को कहा गया है।
एसपी क्राइम बीके मिश्रा ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशन में एक्सिस बैंक में गबन की जांच की जा रही है। छह सितंबर को इस मामले की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जानी है। इसी बीच कुछ लोगों के दूसरे शहर या फिर विदेश जाने की चर्चाएं सामने आईं हैं। कुछ लोगों ने इन चर्चाओं को पुलिस के संज्ञान में डाला, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा से संबंधित कार्रवाई एलआईयू के स्तर से की जाती है। इसीलिए देर शाम एलआईयू के अफसरों को बुलाकर इस बारे में निर्देश दिए गए हैं। एलआईयू आरोपियों के विदेश जाने से रोकने के लिए पासपोर्ट जब्त करने की कार्रवाई भी कर सकती है।
पिछले सप्ताह क्राइम ब्रांच ने शुआट्स के रजिस्ट्रार, फाइनेंस कंट्रोलर सहित पांच अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अभी कुछ और अफसर वांछित हैं। कुछ अफसरों को जांच में पूछताछ के लिए तलब किया जाना है। इसीलिए गबन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अफसरों को जांच में सहयोग के लिए इलाहाबाद में बने रहने की सलाह दी है।
200 खातों में जमा हुए गबन के रुपये
एक्सिस बैंक से गबन के रुपये तीन साल के दौरान 200 खातों में जमा हुए थे। इन खातेदारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर क्राइम ब्रांच के अफसर दुविधा में हैं। अफसर यह निर्णय नहीं ले पा रहे हैं कि इन सभी खातेदारों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ की जाए या नहीं। इस बारे में विधिक राय ली जा रही है।
‘शुआट्स के अफसरों को जांच में सहयोग के लिए स्थानीय स्तर पर रहने को कहा है। चर्चाओं के चलते उनके विदेश जाने पर रोक के निर्देश एलआईयू को दिए हैं।’ बीके मिश्रा, एसपी क्राइम