कर्नलगंज के शुतुरखाना में रहने वाले सिंचाई विभाग के लिपिक जीतेंद्र कुमार सोनकर की पत्नी रीना (35) की मंगलवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मायकेवालों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए कर्नलगंज थाने में पति और दो ननदों के लिए एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने शव को चीरघर भेजा, लेकिन पंचनामा भरने की कार्रवाई में देर शाम हो जाने की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जिससे मौत का कारण फिलहाल साफ नहीं हो सका।
अल्लापुर निवासी मालती देवी ने अपनी चार बेटियों में छोटी रीना उर्फ गु़िड़या का ब्याह लगभग पांच साल पहले कर्नलगंज में रहने वाले जीतेंद्र सोनकर से किया था। जीतेंद्र गोविंदपुर कॉलोनी स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में बतौर लिपिक कार्यरत है। रीना को अभी कोई संतान नहीं थी। मंगलवार रात करीब आठ बजे रीना ने अपनी बहन सुनीता से फोन पर बात की। फिर रात साढ़े नौ बजे मायकेवालों को सूचना मिली कि रीना की मौत हो गई है। खबर पाकर मायके से मां मालती और बहन-भाई समेत कई रिश्तेदार कर्नलगंज में रीना की ससुराल पहुंच गए। शव घर पर रखा था। पति जीतेंद्र ने कहा कि रीना की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। वह उसे उठाकर पहले एक निजी हॉस्पिटल ले गए, वहां डॉक्टरों ने जवाब दिया तो एसआरएन अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
मायके वालों से सूचना पाकर कर्नलगंज थाने की पुलिस भी घर पहुंच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दहेज में लाखों रुपये नगद की मांग नहीं पूरी होने की वजह से रीना को मार डाला गया। पीटने की वजह से उसके मुंह से खून बाहर आया है, मगर पति जीतेंद्र ने कहा कि रीना टीबी की मरीज थी। लंबे समय से उसका इलाज चल रहा था। उसका हीमोग्लोबिन स्तर तीन पर पहुंच गया था। रीना पर किसी ने हाथ नहीं उठाया। बीमारी की वजह से उसकी अचानक मौत हो गई। सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्र ने बताया कि पति और दो बहनों पर दहेज हत्या का केस लिखा गया है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम से मौत का कारण साफ होगा।