फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रोफेशनल चोर बैंक के चप्पे-चप्पे से थे वाकिफ

Wed, 02 May 2018 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद
विज्ञापन
सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक के 16 लॉकरों से करोड़ों का माल उड़ाने वाले चोर पूरी तरह से प्रोफेशनल थे। उन्हें बैंक के चप्पे-चप्पे के बारे में जानकारी थी। वे बहुत अच्छी तरह समझते थे कि स्मोक डिटेक्टरर, बैंक अलार्म और सीसीटीवी कैमरों से कैसे वे पकड़े जा सकते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है। उन्होंने पूरा इंटरनल सिक्योरिटी सिस्टम ही ध्वस्त कर दिया था। मंगलवार को जांच के दौरान चोरों की तकनीकी जानकारी को देखकर पुलिस भी हतप्रभ थी। उनकी जो फुटेज मिली है, उसमें किसी के चेहरे स्पष्ट नहीं हैं। मुंह पर उन्होंने कपड़ा लगाया हुआ है। घटना वाली रात की सीसीटीवी फुटेज में फिलहाल पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है।
विज्ञापन


चोरी की वारदात को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, उससे जाहिर होता है कि चोर बैंक के अंदर की स्थिति से पूरी तरह वाकिफ थे। आठ कैमरों में कौन सा कहां लगा है, कब और कैसे उन्हें बंद करना है, इसकी उन्हें जानकारी थी। सीसीटीवी फुटेज से साफ था कि करीब साढ़े ग्यारह बजे बैंक के पिछले हिस्से में मुंह में कपड़ा बांधे से हुए दो शख्स पेड़ के पीछे छिपे और फिर बाहर आते दिख रहे हैं। इसके बाद दूसरी फुटेज बैंक के अंदर की है। दो शख्स अंदर बैंक में दिख रहे हैं लेकिन] उनके चेहरे स्पष्ट नहीं है। कुछ ही सेकेंडों में तीसरा शख्स वहां की सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ देता है। उसका चेहरा नहीं दिख पाता। दो गैस सिलेंडर और कटर आदि सामान लेकर पहुंचे चोरों ने कटर के लिए गैस जलाने से पहले स्मोक डिटेक्टर और अलार्म को तोड़ डाला। इसके बाद चोरों ने गैस कटर से स्ट्रांग रूम का दरवाजा काटा और अंदर जाकर बड़े लॉकरों को तोड़ डाला।  इस बात की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है कि लॉकर दो तरह के होते हैं। एक छोटा और दूसरा बड़ा। बड़े लॉकर में लोग ज्वैलरी के अलावा, नकदी और गोपनीय कागजात भी रखते हैं। चोर कितने बड़े पेशेवर और शातिर थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 300 लॉकर में से सिर्फ 16 बड़े लॉकर्स को निशाना बनाया।

एक हफ्ते की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही एसटीएफ
इलाहाबाद। एसटीएफ ने पिछले एक हफ्ते के पूरे दिन की सीसीटीवी फुटेज बैंक से लिया है। एक-एक मिनट और एक एक आदमी के बारे में पता लगाया जा रहा है। एसटीएफ का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि चोरों को बैंक के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। साफ है कि वे एक बार नहीं, कई बार बैंक गए होंगे। यहां तक वे किसी न किसी बहाने स्ट्रांग रूम तक के बाहर भी पहुंचे होंगे। प्रोफेशनल चोर घटना से एक दो-दिन पहले जरूर रेकी करते हैं ताकि घटना वाली रात उन्हें कोई समस्या न हो। इसी कारण एसटीएफ ने पिछले एक हफ्ते ही पूरी सीसीटीवी फुटेज निकलवाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें