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बीएड की छात्रा से ठगी में प्राचार्य और प्रबंधक फंसे

Fri, 27 Oct 2017 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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धोखा - फोटो : demo pic
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सरायइनायत इलाके में रहने वाली एक छात्रा को बीएड में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी की गई। आरोप है कि राजेंद्रा डिग्री कॉलेज में दाखिला का झांसा देकर एक लाख 80 हजार रुपये फीस ऐंठ ली गई। उसे फर्जी प्रवेश पत्र थमा दिया गया। परीक्षाफल के बारे में टालमटोल किए जाने पर छात्रा के पिता ने सूचना के अधिकार से जानकारी मांगी तो पता चला कि उसका तो कानपुर विश्वविद्यालय में पंजीकरण ही नहीं कराया गया है। छात्रा के पिता ने इस बारे में शिकायत की तो उसे धमकाया गया। बृहस्पतिवार को सरायइनायत थाने में कॉलेज प्रबंधक और प्राचार्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी का मुकदमा लिखा गया।
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रिठैयां गांव निवासी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी बेटी माधुरी का बीएड वर्ष 2013-14 के लिए भागीपुर स्थित राजेंद्रा डिग्री कॉलेज में कराया था। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधक डॉ.आरपी मिश्रा ने अपने आवास पर बुलाकर भूपेंद्र से बतौर फीस एक लाख 80 हजार रुपये नगद लिए थे। माधुरी को पैसे लेकर प्रवेश पत्र जारी किया गया। कॉलेज में ही परीक्षा केंद्र भी पड़ा था।

परीक्षा के बाद काफी दिनों तक प्रबंधक और प्रधानाचार्य यह कहकर टालते रहे कि कानपुर विश्वविद्यालय से परीक्षाफल नहीं जारी किया जा रहा है। इस पर सशंकित होकर भूपेंद्र ने सूचना के अधिकार के तहत कानपुर विश्वविद्यालय को बेटी का रोल नंबर देकर परीक्षाफल के बारे में जानकारी मांगी तो वहां से मिले जवाब को देखकर सन्न रह गए। विश्वविद्यालय से बताया गया कि उस रोल नंबर से किसी छात्रा का पंजीकरण ही नहीं है तो परीक्षाफल कैसे जारी किया जा सकता है। यानी माधुरी का दाखिला ही नहीं किया गया था। भूपेंद्र ने 10 अक्तूबर को इस बारे में प्रबंधक डॉ.आरपी मिश्रा से फोन पर बात की तो आरोप है कि उन्हें धमकी मिली कि पैसा वापस नहीं होगा और कॉलेज में दिखाई दिए तो जान से मार दिया जाएगा। गालियां भी दी।
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वह प्रबंधक के कार्यालय पर गए तो यह कहकर लौटा दिया गया कि यहां कोई कार्यालय नहीं है। भूपेंद्र को पता चला कि उनकी बेटी की तरह ही कई और छात्राओं के साथ इसी ढंग से ठगी की गई है। उनसे एक लाख 80 हजार रुपये फीस के अलावा प्रैक्टिकल के भी लिए 25 हजार रुपये बिना रसीद लिए गए थे। भूपेंद्र की शिकायत पर सरायइनायत थाने में कॉलेज प्रबंधक डॉ.आरपी मिश्र और उनके भाई प्राचार्य के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी प्रवेश पत्र देने पर जालसाजी, कूटरचना का केस लिखा गया है।
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