पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी के साथ-साथ अब उनके 23 सहयोगी तथा रिश्तेदारों के कारोबार पर भी सरकार ने नजर गड़ा ली है। इनकी जमीन के बारे में स्थानीय स्तर से भेजी गई रिपोर्ट को डीजीपी ने कार्रवाई के लिए स्वीकृति दे दी है। डीजीपी की हरी झंडी मिलने के बाद अब उन पर पुलिस का शिकंजा कसेगा। अतीक के सहयोगियों और रिश्तेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले राजस्व विभाग से इन जमीनों के अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। ये देखा जा रहा है कि ये संपत्तियां किसके नाम हैं। इनमें ग्राम पंचायत, चरागाह आदि की जमीन तो नहीं है। यदि है तो उसको अलग तरीके से जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह चिट्ठा निवर्तमान डीएम के सामने तैयार किया गया था, लेकिन उन दिनों राजस्व विभाग की ओर से यह प्रकरण ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। प्रशासनिक और पुलिस में बदलाव के बाद अब नए सिरे से इस अभियान में तेजी आई है।
पुलिस की ओर से जुटाई गई जानकारी के अनुसार अतीक अहमद के सहयोगी मरियाडीह निवासी फहीन अहमद के पास करेली पोंगहट पुल के पास 80 से 90 बीघा जमीन है। कपिलदेव त्रिपाठी के पास झलवा और देवघाट में 30 बीघा जमीन। सिलना निवासी रफीक उर्फ गुलफुल का सिलना, भींटी व बजहा में करीब 80 बीघा सरकारी जमीन पर प्लाटिंग का कारोबार। इसमें से कुछ जमीन बद्दू ने एससी बनकर अवैध कब्जा किया है। रुखसार अहमद का चकिया, देवघाट और पोंगहट में प्रापर्टी डीलिंग का काम। रफात उल्लाह और उनके बेटे सलील अहमद का चकिया और मुंडेरा में कारोबार। मो. मुस्लिम का चकिया, ट्रिपल आईटी के सामने 200 बीघा जमीन और बेली के पीछे प्रापर्टी डीलिंग का काम है। नयाबू अली का दामूपुर की जमीन और जय प्रकाश दुबे का पीपलगांव, रहीमाबाद, कटुहला पर अवैध कब्जा है। विनीत पांडेय, अब्दुल कद्दूस अहमद का इंडस्ट्रीयल कालोनी नैनी में 50 बीघा जमीन पर प्लाटिंग का काम। धूमनगंज के राजेश सिंह का प्रीतमनगर, धूमनगंज, हरवारा, दादनपुर टीपी नगर में जमीन का कारोबार। राम लोचन यादव का कन्धईपुर, धूमनगंज, जलालपुर और घोषी में 75 बीघा जमीन पर कारोबार। अंसार और उनके पुत्र इलियास का बमरौली में आठ बीघा जमीन पर कारोबार। राशिद और पप्पू बेली का राजापुर, बेली और कछार में 75 बीघा जमीन पर करोबार। इनके अलावा वाचस्पति इनके विद्यालयों एवं अवैध कब्जे वाली जमीनों का प्रबंधन करते हैं।
चचेरे भाई राशिद उर्फ नीलू की ओर से करेली, कसारी-मसारी में सरकारी नाले के आसपास की जमीन को पाटकर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग का कारोबार। इमरान का चकिया झपिया में 50 बीघा, कसारी मसारी में 65 बीघा, देवाघाट में 70-80 बीघा, करेन्हदा, एलीना सिटी में करीब 200 बीघा जमीन में कारोबार। अतीक के साले जकी अहमद का चकिया, कसारी मसारी और करैली में करीब 150 बीघा जमीन में कारोबार। अशरफ के साले मोहम्मद नूर चकिया सहित कई जगहों पर जमीन बेचने का कारोबार। मोहम्मद जीशान का चकिया, देवघाट और पोंगहट में कारोबार।