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शक के दायरे में आए शख्स को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

Thu, 09 Feb 2017 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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गिरफ्तार - फोटो : gettty
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डा. बंसल हत्याकांड में पुलिस के शक के दायरे में रहे धीर शरण को दिल्ली पुलिस ने फ्राड के एक पुराने मामले में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में डा. बंसल भी आरोपी थे। धीर शरण एसटीएफ और पुलिस की सस्पेक्ट लिस्ट में शामिल था। पुलिस उससे पूछताछ करने के लिए सुबूत जुटा रही थी। वह महर्षि विश्वविद्यालय लखनऊ की उस कार्य परिषद में भी शामिल था जिसने डा. बंसल को अध्यक्ष चुना था।
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दिल्ली पुलिस की एक टीम ने बुधवार को राजापुर में धीर शरण के घर पर छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। महर्षि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दिल्ली शाखा में एक सोसाइटी में फ्राड को लेकर डा. बंसल समेत कई लोगों के खिलाफ दिल्ली के मधु विहार थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी में एक आरोपी धीर शरण भी था। दिल्ली पुलिस के दरोगा विशाल चौधरी और उनकी टीम ने उसी मामले में उसे गिरफ्तार किया। डा. बंसल हत्याकांड में धीर शरण भी सस्पेक्ट लिस्ट में शामिल था।

दरअसल एक समय वह डा. बंसल के बेहद करीबियों में शुमार था। वह महर्षि विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में डा. बंसल के शामिल होने से पहले ही सदस्य था। अध्यक्ष बनने के लिए डा. बंसल उसकी भी मदद ली थी। बाद में जिस कार्य परिषद ने डा. बंसल को अध्यक्ष चुना था, उसके सदस्यों को मैनेज करने की जिम्मेदारी उसी को दी गई थी। इसके कुछ समय बाद पैसों लेकर उसका बंसल से विवाद हो गया। उसका उठना बैठना जीवन ज्योति अस्पताल के उन पूर्व कर्मचारियों के साथ हो गया जो बाद में बंसल के विरोधी हो गए थे। वह खुलकर पूर्व कर्मचारी अमरेश वगैरह का साथ देने लगा था। कौशांबी वाली जमीन के विवाद में भी वह खुलकर बंसल का विरोध कर रहा था।
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इसी बीच जब डा. बंसल की हत्या हुई तो जो दो बड़े मामले पुलिस के सामने थे, उसमें महर्षि विश्वविद्यालय और कौशांबी में करोड़ों की जमीन का विवाद, दोनों में ही धीर शरण की भूमिका सामने आ रही थी। एसटीएफ और पुलिस ने उससे पूछताछ की तैयारी कर ली थी। उसके कॉल डीटेल्स समेत सुबूतों को इकट्ठा किया जा रहा था। इससे पहले ही दिल्ली पुलिस उसे उठा ले लगी। सूत्रों के मुताबिक धीर शरण से पूछताछ तो होनी ही है चाहे एक टीम को दिल्ली जाना पड़े।
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