आइसफैक्ट्री में अमोनिया गैस के रिसाव के दूसरे दिन भी नैनी के चकरघुनाथ मोहल्ले में दहशत रही। लोग अनहोनी की आशंका में सहमे रहे। उधर फिर रिसाव न हो, इसके लिए प्रशासन और फायरब्रिगेड कर्मी राहत कार्य में जुटे रहे। शनिवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम ने बगल में चल रही दूसरी आइस फैक्ट्री के संचालक से भी कागजात मांगे हैं।
बता दें कि चकरघुनाथ मोहल्ले में चल रही आइसफैक्ट्री में शुक्रवार रात अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था। इसके साथ ही बगल में रखा गैस सिलेंडर ब्लास्ट कर गया। गैस रिसाव से मोहल्ले में भगदड़ मच गई। घुटन का एहसास होने पर लोग घर छोड़कर बाहर की ओर भागे। कई लोग अस्पताल भी पहुंच गए। सूचना पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही। इसके बाद फायरब्रिगेड कर्मियों को बुलाया गया। फायरमैन धर्मेंद्र मिश्र व प्रदीप कुमार ने साहस का परिचय देते हुए किसी तरह गैस के रिसाव पर काबू पाया। इस घटना की दहशत दूसरे दिन भी मोहल्ले में कायम रही। लोग किसी अनहोनी की आशंका में सहमे रहे। मौके पर पहुंचे एसडीएम करछना डॉ. राजा गणपति आर ने जांच पड़ताल करते हुए संबंधित आइस फैक्ट्री के अभिलेखों की पड़ताल की। साथ ही बगल में चल रही दूसरी आइस फैक्ट्री के संचालक से भी अभिलेख मांगे। उन्होंने बताया कि जांच की जा रही है।
नैनी के चकरघुनाथ में जिस जगह अमोनिया गैस का रिसाव हुआ, वहां रहने वालों की जान से खिलवाड़ कई सालों से चल रहा था। बताया जा रहा है कि 18 साल से वहां आइस फैक्ट्री चल रही थी और अब एक नई फैक्ट्री खोलने की तैयारी थी। इतने सालों से यह गोरखधंधा चलता रहा लेकिन अफसर सोते रहे।
शुक्रवार को जिस आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ, उसके मालिक रामचंद्र के तीन और भाई हैं जिनका नाम मानिक चंद्र, दिनेश और सतीश है। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक उसके पिता चकभटाही निवासी छोटेलाल ने 18 साल पहले चकरघुनाथ मोहल्ले में आइस फैक्ट्री खोली थी। लोगों की मानें तो पिता की मौत के बाद भाइयों के बीच बंटवारा हुआ। इसके बाद आइस फैक्ट्री पर मानिक का कब्जा हो गया, इसका हिस्सेदार सतीश भी है। उधर रामचंद्र ने श्रद्धा आइस के नाम से नई फैक्ट्री खोली। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि शुक्रवार को हुई घटना के बाद जांच-पड़ताल के बाद फिलहाल यही लग रहा है कि नियमविरुद्ध तरीके से फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। आरोपी रामचंद्र घटना के बाद से ही फरार है। उधर सूत्रों की मानें तो बगल स्थित ओम आइस फैक्ट्री का संचालक भी पूरे कागजात नहीं दिखा सका। शनिवार को एसडीएम के कागजात मांगने पर वह काफी देर तक टालमटोल करता रहा। इसके बाद कुछ कागजात प्रस्तुत किए लेकिन वह भी पूरे नहीं थे।