इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी के दो पेपर लीक हो गए। हालांकि, पेपर छात्रों के बीच आने से पहले ही रातोंरात नया प्रश्नपत्र तैयार किया गया और नए पेपर के आधार पर परीक्षा कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 18 एवं 19 दिसंबर को आयोजित होने जा रही परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी बदल दिए गए हैं।
कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को 16 दिसंबर को रात 11 बजे सूचना मिली कि बीएएलएलबी द्वितीय वर्ष और पांचवें वर्ष की सोमवार (17 दिसंबर) को होने जा रही परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। सोमवार को पहले सत्र में बीएलएलबी द्वितीय वर्ष का ‘लॉ ऑफ कांट्रैक्ट’ और दूसरे सत्र में दोपहर 2.30 बजे से बीएएलएलबी पांचवें वर्ष के विषय ‘राइट टू इनफॉर्मेशन’ का पेपर था। कुलपति को सूचना मिली की कि दोनों पेपर ली हो चुके हैं। साथ ही कुलपति को वे पांच-पांच सवाल भी भेज दिए गए, जो परीक्षा में आने वाले थे। कुलपति ने रात में ही परीक्षा नियंत्रक और विधि विभाग के कुछ शिक्षकों से संपर्क किया। पेपर लीक होने की सूचना से इविवि में हड़कंप मच गया।
कुलपति के पास पहुंचे सवालों का पेपर में आने वाले सवालों के साथ मिलान किया गया तो पांच से चार सवाल हूबहू मिल रहे थे। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक और सभी शिक्षक नया पेपर बनाने में जुट गए। रात तीन बजे तक पेपर तैयार किया जाता रहा। इस दौरान कुलपति भी लगातार शिक्षकों के संपर्क में थे। सोमवार को परीक्षा तो हुई लेकिन उसमें नए पेपर बांटे गए। 18 और 19 दिसंबर को भी परीक्षा है। इन परीक्षाओं में भी गड़बड़ी की आशंका पर दोनों दिन की परीक्षाओं के पेपर बदल दिए गए हैं।
दो से ढाई लाख में होता है सौदा
- सूत्रों का कहना है कि पेपर लीक होने के पीछे बड़ा खेल होता है। दो से ढाई लाख में पेपर का सौदा होता है। इसके बाद विधि के छात्रों से वसूली की जाती है और उन्हें पेपर मुहैया कराया जाता है। आशंका जताई जा रही है कि यह खेल पिछले कई दिनों से चल रहा था। हालांकि इसमें कौन लोग शामिल हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी जांच कराई जा रही हे।
कंप्यूटर के प्रिंट करके निकाले गए नए पेपर
- रातोंरात पेपर तो बदल दिए गए, लेकिन इविवि प्रशासन के पास वक्त इतना कम था कि पेपर छपवाए नहीं जा सकते थे। ऐसे में पेपर के प्रिंट कंप्यूटर से निकाले गए और ए-फोर साइज के पेपर छात्रों के बीच बांटे गए।
सबकी जवाबदेही तय होगी-वीसी
- कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू का कहना है कि विधि विभाग में पेपर लीक करने की कोशिश की गई थी। उन्हें कुछ लोगों ने लॉ विभाग में प्रश्न पत्र लिक करने की कोशिश की थी। उन्हें रविवार रात 11 बजे इसकी सूचना मिली। कुलपति ने कहा कि वह ऐसी चीजें बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रश्नपत्र बनाने से लेकर प्रिंटिंग प्रेस तक सबकी जवाबदेही तय होगी। रातोंरात सारे पुराने प्रश्नपत्र बदल दिए गए हैं।