हंडिया के पैगम्बरपुर में सोमवार रात सोते समय बुजुर्ग महिला सरस्वती देवी (75) की मौत हो गई। गांव के लोगों ने महिला के बेटे रामजीत पांडेय (55) को हत्या के शक में पीटा और पुलिस को सूचना कर दी। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर पुलिस ने बेटे को हिरासत में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस हिरासत में बेटे ने अंतिम संस्कार किया। देररात पोस्टमार्टम रिपोर्ट हंडिया थाने पहुंची। रिपोर्ट में महिला की सेप्टीसीमिया से मौत की बात सामने आने के बाद पुलिस ने बेटे को छोड़ दिया।
रामजीत पांडेय सूरत के एक मंदिर में पुजारी हैं। वह पांच बहनों में अकेले भाई हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। पिता की मौत के बाद रामजीत की मां सरस्वती देवी गांव में रहती थी। सरस्वती खेती की देखभाल करती थी। रामजीत भी अक्सर आता था। रामजीत के भी पांच बेटियां ही हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। रामजीत इन दिनों घर आए हुए थे। सोमवार रात सरस्वती खाने के बाद अपने बिस्तर पर सोई थीं। रात लगभग दस बजे सरस्वती की मौत हो गई। बुजुर्ग महिला के मौत की खबर सुनकर गांव वाले जुट गए। गांववाले रामजीत पर मां का गला दबाकर हत्या का शक जताने लगे। रामजीत को लात-घूंसों से पीटा गया। किसी ने कंट्रोल पर खबर कर दी कि बेटे ने मां की गला दबाकर हत्या कर दी। सूचना मिलते ही सीओ हंडिया बृजनंदन राय, हंडिया इंस्पेक्टर समेत आसपास के थानों की फोर्स पहुंच गई। गांव के लोगों का आक्रोश देखकर पुलिस ने रामजीत को हिरासत में लेकर सरस्वती के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खबर पाकर सरस्वती की बेटियां और दूसरे रिश्तेदार भी आ गए। कोई भी यकीन नहीं कर पा रहा था कि रामजीत ने ऐसा किया होगा। मंगलवार दोपहर हंडिया पुलिस रामजीत को लेकर चीरघर पहुंची। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने रामजीत को छोड़ दिया। उसने दारागंज घाट पर मां का अंतिम संस्कार किया।
सुबह हुआ था मां से विवाद
इलाहाबाद। सीओ हंडिया ब्रजनंदन राय ने बताया कि सुबह रामजीत का घरेलू मसले को लेकर मां से विवाद हुआ था। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को थी। इसी के आधार पर ग्रामीणों ने उस पर हत्या का शक कर लिया था। पुलिस के मुताबिक झगड़े की कोई वजह भी नहीं थी। रामजीत इकलौता बेटा है। ऐसे में संपति को लेकर विवाद की कोई बात नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अब पूरी तस्वीर साफ हो गई।