इलाहाबाद । शहर में झलवा स्थित विष्णु भगवान पब्लिक स्कूल के हॉस्टल से मंगलवार शाम लापता सातवीं कक्षा के छात्र ऋषभ का अपहरण नहीं हुआ। हाल ही में संपन्न परीक्षा में उसे मैथ में नंबर कम मिले इसलिए दोस्तों के चिढ़ाने पर वह खुद हॉस्टल से भागकर दो रात रेलवे स्टेशन के पास टहलता रहा। बृहस्पतिवार सुबह वह बरौत में अपने घर पहुंचा तब परिजनों और पुलिस अफसरों ने भी राहत की सांस ली।
बरौत (हंडिया) इलाके में रहने वाले शेषमणि गौड़ का बेटा ऋषभ (13) झलवा स्थित विष्णु भगवान पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है। वह मंगलवार शाम स्कूल के हॉस्टल से लापता हो गया। रात में हॉस्टल से सूचना पाकर उसके पिता शेषमणि भी पहुंच गए। बुधवार को उनकी तहरीर पर धूमनगंज थाने में मुकदमा लिखा गया। बुधवार को भी दिन भर खोजबीन होती रही लेकिन ऋषभ का कुछ नहीं चल सका।
परिजनों ने इसके लिए हॉस्टल प्रबंधन की लापवाही को जिम्मेदार ठहराया। हॉस्टल से कोई छात्र निकल गया और सुरक्षाकर्मियों तथा जिम्मेदार लोगों को पता ही नहीं चला। परिजन और पुलिस खोजबीन में जुटे थे इसी बीच बृहस्पतिवार सुबह ऋषभ बरौत में अपने घर पहुंच गया। ऋषभ ने ऐसा क्यों किया? इस बारे में परिजनों ने कहा कि उसे परीक्षा में मैथ में कम नंबर मिले थे। हॉस्टल में उसे साथियों ने चिढ़ाया तो वह परेशान होकर वहां से निकला और मंगलवार तथा बुधवार को दिन भर और रात भर शहर में ही टहलता रहा।
रात में वह स्टेशन के पास रहा। फिर बृहस्पतिवार को घर पहुंच गया। वीबीपीएस के डायरेक्टर अभिषेक तिवारी ने भी यही बात अमर उजाला से फोन पर कही लेकिन प्रधानाचार्य मधुप मिश्रा ने दूसरी ही वजह बता डाली। उनका कहना है कि ऋषभ घर जाना चाहता था मगर परिजनों ने रक्षाबंधन पर बुलाने की बात कही थी। इसीलिए वह हॉस्टल से निकल गया। हालांकि वह घर जाने को बेकरार होता तो हॉस्टल से निकलकर सीधे घर जाता। ऐेस में मैथ में नंबर कम आना ही उसके हॉस्टल से भागने की वजह मानी गई है।