यमुनापार के खीरी इलाके में रविवार रात किसान जमुना सिंह पटेल ने घर से दूर एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह घर से यह कहकर निकला था कि धान बेचने के लिए कुछ व्यापारियों से बात करने जा रहा है मगर रात में लौटा नहीं। सोमवार सुबह उसकी लाश फंदे से लटकी मिली। परिवार के लोगों का कहना है कि धान बिक्री नहीं होने की वजह से उसने परेशान होकर अपनी जान दे दी है।
खीरी में कल्याणपुर गांव निवासी जमुना सिंह पटेल (50) बरसों पहले बिहार से आकर परिवार सहित बस गया था। परिवार में पत्नी विद्यावती और बेटे राजेंद्र, अर्जुन और बेटी गीता है। जमुना सिंह की अच्छी खेती है। उसने धान की अच्छी खासी पैदावार की थी। मगर धान बिका नहीं। लेड़ियारी स्थित धान क्रय केंद्र में भी विष्णु भोग और हाइब्रिड धान की खरीद नहीं हुई। इस वजह से वह बेहद परेशान रहता था। रविवार शाम वह घर से साइकिल लेकर निकला और बताया कि ऊंच गांव में अपने मित्र कुबेर प्रसाद के यहां जा रहा हूं। वहां व्यापारियों से धान बेचने के लिए बात करनी है।
मगर रात में जमुना पटेल घर नहीं लौटा। सुबह लोगों ने खीरी-कोहराड़ मार्ग किनारे चांद खमरियां गांव स्थित तालाब के निकट नीम के पेड़ पर जमुना का शव शॉल के फंदे से लटका देखा। पास में ही साइकिल भी पलटी थी। मगर चप्पल नहीं थीं। वहां भीड़ लग गई। खबर पाकर खीरी पुलिस पहुंची। फिर जमुना की पत्नी विद्यावती भी रोते-कलपते पहुंच गई। परिवार के लोगों ने कहा कि धान बिक्री नहीं होने से ही परेशान होकर जमुना ने जान दी। वह व्यापारियों से धान बेचने के बारे में बात करने गया था लेकिन शायद सौदा नहीं पट सका। इस वजह से जमुना ने ऐसा कदम उठा लिया।