जूड़ापुर में दंपति और दो बेटियों की बेरहमी से हत्या की वारदात में पुलिस को बीए के छात्र नीरज मौर्या पर शुरू से ही शक था लेकिन महज 22 साल का यह युवक इस कदर शातिर है कि उसने कई बार सख्ती से पूछताछ में कुछ भी नहीं बताया। वह खुद को बेकसूर ही बताता रहा। सुबूत नहीं होने की वजह से पुलिस को उसे पूछताछ के बाद छोड़ना पड़ा था। लंबी जांच के बाद नवाबगंज पुलिस ने शनिवार को उसे तीन साथियों समेत दबोचा तो उसने गुनाह कुबूल किया।
लखनपुर करन गांव में रहने वाले किसान गुलाब मौर्या का पुत्र बीए का छात्र नीरज मौर्या घटना के दूसरे ही रोज पुलिस की निगाह में आ गया था। दंपति समेत मारी गई बड़ी बेटी के मोबाइल की कॉल डिटेल चेक करने पर पता चला कि रात 12 बजकर एक मिनट पर नीरज ने उसे फोन किया था। क्राइम ब्रांच ने उसे उठाकर पूछताछ की। नीरज ने बेहिचक कुबूला कि उसने 23 अगस्त की रात छात्रा को फोन किया था। उसे फोन पर कहा था कि वह कल यानी दसरे रोज स्कूल नहीं आएगा। बाकी और कोई सुबूत नहीं होने के चलते उसे पूछताछ के बाद जाने दिया गया था।
दरअसल, उसने कोई ऐसी हरकत नहीं की जिससे उस पर पुलिस को ठोस शक होता। वह घटना के बाद न तो भागा और न घबराया। उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल से पता चला कि आधी रात छात्रा को फोन करने के दो घंटे बाद उसने एक और युवती से लंबी बात की थी। पुलिस अफसरों का मानना था कि ऐसी वारदात करने के बाद कोई चैन से रह नहीं सकता, किसी युवती से बात तो दूर की बात। अब पुलिस यह जानकर हैरान है कि नीरज ने वास्तव में चार लोगों की हत्या और रेप के बाद घर जाकर अपनी प्रेमिका से लंबी बात की थी। वह लगातार पुलिस को छकाता रहा। पूछताछ में पुलिस के सवालों से भी वह घबराया नहीं। मगर छोड़ने के बावजूद पुलिस ने नीरज पर लगातार निगाह बनाए रखी और वह जाल में फंस गया।
-मक्खनलाल गुप्ता घर में किराना की दुकान चलाने के अलावा पंप से पेट्रोल भी लाकर कुछ ज्यादा कीमत पर बेचते थे। रात में अक्सर जरूरतमंद पेट्रोल खरीदने आ जाते थे। उस रात 12 बजकर एक मिनट पर नीरज ने पेट्रोल के बहाने ही छात्रा को फोन किया तो उसने दरवाजा खोल दिया था। फिर तीन युवक अंदर घुस गए जबकि एक बाहर खड़ा रहा। पुलिस सूत्रों का कहना कि घर के अंदर जाने वाले तीन युवकों ने ही दंपति और दोनों बेटियों की हत्या तथा गैंगरेप किया था।
घटना वाली शाम एक आरोपी मनोज पाल की बहन की शादी थी। कानपुर से बारात आई थी। नीरज और बाकी दोनों युवक मनोज की बहन की शादी में शामिल होने आए। फिर वहीं से सभी युवक नीरज की प्लेटिना बाइक से करीब एक किलोमीटर दूर सहावपुर में वारदात अंजाम देने गए थे। घटना का नए सिरे से खुलासा होने के बाद नवाबगंज थाने से एक पुलिस टीम को शादी समारोह की वीडियो रिकाडिंग और तस्वीरें लेने की खातिर मनोज की बहन की ससुराल कानपुर भेजा गया है। 00000
लूटपाट का बनाया था सीन
-आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे लूटपाट के लिए हत्या का रूप देने का प्रयास किया। इसी वजह से घर में बक्से और आलमारी के लॉक तोड़कर सामान बिखेर दिए थे। कुछ दिन बाद मौके पर एसटीएफ ने जांच की तभी साफ हो गया कि यह सुनियोजित कत्ल की घटना है। दरअसल, आलमारी का लॉक टूटा था लेकिन चाभी वहीं रखी थी। ऐसे में लॉक जानबूझकर लूटपाट का सीन बनाने के लिए तोड़ा गया था। अब साफ हो गया है कि यह नीरज के दिमाग की उपज थी।
मारे गए दंपति के बेटे रंजीत और बेटी बबिता ने कातिलों की गिरफ्तारी, सुरक्षा तथा आर्थिक मदद के लिए विरोध प्रदर्शन के अलावा कई बार पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाया था। घटना वाले दिन रंजीत परीक्षा देने के लिए प्रतापगढ़ में था जबकि बेटी बबिता शिमला में थी जहां वह एक फर्म में नौकरी करती थी। रंजीत ने ही पांच लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था जिन्हें पुलिस ने जेल भेज दिया, तब भी वह कहता रहा कि कुछ और लोग इस घटना में शामिल थे जिन्हें नहीं पकड़ा जा रहा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या तथा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने गांव का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। रंजीता और बबिता कई रोज सरकिट हाऊस में रहे और उनकी सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। शस्त्र लाइसेंस भी स्वीकृत किए गए।
‘नवाबगंज के जूड़ापुर सहावपुर में हुए चार लोगों के कत्ल में पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी में कामयाबी मिली है। पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।‘
-आनंद कुलकर्णी, एसएसपी