नए कप्तान ने आखिरकार सट्टेबाजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर दी। अमर उजाला ने ऑनलाइन गेम के नाम पर शहर और नैनी में सट्टे के कई अड्डे संचालित किए जाने की खबर छापी थी, जिसकी वजह से दर्जनों परिवार भी तबाह हो गए। मंगलवार को एसएसपी के आदेश पर साइबर क्राइम सेल ने नैनी में सट्टे के अड्डों पर छापा मारकर 31 लोगों को नगदी समेत दबोच लिया जिनमें सट्टा संचालक और खेलने वाले शामिल हैं।
शहर में कई जगह ऑनलाइन गेम के नाम पर सटटे के अड्डों पर जुटने वाली भीड़ के बारे में अमर उजाला ने पिछले दिनों खबरें छापी थीं। खासतौर से सिविल लाइंस और नैनी में सट्टे के अड्डों पर सुबह से शाम तक सटोरियों का मजमा लगने और पुलिस की अनदेखी के बारे में खुलासा किया था। सिविल लाइंस में हाईकोर्ट से कुछ दूरी पर सड़क किनारे सट्टेबाजों की भीड़ लगी रहती है। मगर नैनी में तो हद ही हो गई। छह जगहों पर खुलेआम सट्टा चलता रहा मगर नैनी थाने की पुलिस आंखें मूंदी रहीं। अंदर की बात तो यह है कि पुलिस की शह पर ही सट्टे के अड्डे चलते हैं। नए एसएसपी केेएस इमैनुएल ने साफ कहा है कि सट्टा और जुआ कहीं नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे अपराध बढ़ता है।
एसएसपी ने साइबर क्राइम सेल प्रभारी ज्ञानेंद्र राय को नैनी में सट्टे के अड्डों पर औचक छापेमारी और गिरफ्तारी के लिए कहा। ज्ञानेंद्र राय ने दो गाड़ियों में सिपाहियों को बैठाकर दोपहर में नैनी में अरैल मोड़, सरगम तिराहा, मेवालाल बगिया तिराहा, चक भटाही, नैनी बाजार में एक साथ छापेमारी की। पुलिस दबिश से भगदड़ मची। तमाम सटोरिए भाग निकले। साइबर सेल टीम ने इन अड्डों से घेरकर 31 लोगों को दबोच लिया। पकड़े गए सटोरियों के कब्जे से साढ़े तेईस हजार रुपये, 29 मोबाइल फोन, लाटरी, पर्ची, रजिस्टर और कई कैलकुलेटर भी मिले। पकडे़ गए लोगों में सट्टा संचालक भी शामिल हैं। तीन सट्टा संचालकों धीरज शुक्ला, सर्वेश मिश्रा और मामा को वांछित घोषित किया गया है। छापेमारी में साइबर क्राइम सेल के सिपाही मोहम्मद मोईद, राजेश कुमार, सोनू यादव, इंद्रमणि उपाध्याय, प्रीतम सिंह और आमोद कुमार शामिल रहे।