इलाहाबाद। बरेली से मंगलवार रात पिता के साथ इलाहाबाद आते वक्त ट्रेन से बीटेक छात्रा के लापता होने से परिवार के लोगों के साथ ही पुलिस में भी खलबली मच गई। पिता से सूचना पाकर पुलिस ने खोजबीन शुरू की मगर उसका कुछ सुराग नहीं लग रहा था। मोबाइल भी ऑफ था। इसी बीच करीब बीस घंटे बाद बुधवार शाम छात्रा ने अपने घर में फोनकर बताया कि वह लखनऊ रेलवे स्टेशन पर है तो परिजनों ने राहत की सांस ली।
बरेली के संजय नगर में रहने वाले एक परिवार की 20 वर्षीय रीमा (नाम काल्पनिक) ने इसी साल जुलाई में यहां तेलियरगंज स्थित एमएनएनआईटी में बीटेक में दाखिला लिया है। वह 13 अक्तूबर को बरेली में अपने घर गई थी। मंगलवार शाम रीमा के पिता उसे लेकर ट्रेन से इलाहाबाद के लिए रवाना हुए। रात करीब दस बजे पिता को नींद आ गई। तब तक ट्रेन लखनऊ से आगे बढ़ चुकी थी। आधी रात बाद पिता की नींद खुली तो बेटी नदारद थी। उन्होंने फोन लगाया लेकिन रीना का मोबाइल भी ऑफ था।
ट्रेन यहां प्रयाग रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उन्होंने जीआरपी चौकी में बेटी के ट्रेन से गायब होने की जानकारी दी। बीटेक छात्रा के चलती ट्रेन से लापता होने की खबर पर पुलिस सक्रिय हो गई। सीओ रेलवे ओपी सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस और परिजन खोजबीन में जुटे थे इसी बीच शाम करीब चार बजे रीमा ने अपने घर में फोन किया और बताया कि वह लखनऊ रेलवे स्टेशन पर है।
रीमा ने अनुसार, रात करीब बारह बजे ट्रेन प्रतापगढ़ के किसी स्टेशन पर रुकी थी तभी बोगी में मौजूद एक महिला ने उसे एक नंबर बताकर बात कराने के लिए कहा। उसने नंबर लगाकर महिला को मोबाइल दिया तो वह सिग्नल कमजोर होने की बात कहते हुए ट्रेन से प्लेटफार्म पर उतर गई। वह भी उसके पीछे उतरी तभी ट्रेन चल दी। मगर वह मोबाइल के चक्कर में ट्रेन में नहीं चढ़ सकी। मोबाइल लेने के बाद वह स्टेशन पर पहुंची दूसरी ट्रेन में बैठकर लखनऊ पहुंच गई। उसका मोबाइल डिस्चार्ज हो चुका था। बहरहाल, रीमा को पाकर परिजन खुश हो गए।