थाने से कुछ ही दूरी पर सुधीर सिंह के ढाई साल के बेटे दिव्यांश का अपहरण करबाद मार डाला गया। सुबह करीब साढ़े छह बजे दिव्यांश का अपहरण हुआ था। अपहरण करने वालों ने एक घंटे बाद फोन कर बच्चे को छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये की मांग रख दी। पुलिस ने फतेहपुर गोढ़वापर (धाता) निवासी छोटू उर्फ आलोक और टीटू दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें आलोक रिश्ते में सुधीर का भांजा है। बच्चे का शव घर लाया गया तो कोहराम मच गया।
महेवाघाट ( रानीपुर गांव) के सुधीर सिंह किसान हैं। वह पास के ही प्राइमरी स्कूल में शिक्षक भी हैं। इकलौता बेटा दिव्यांश शुक्रवार सुबह करीब साढे़ छह बजे पड़ोस में ही नानी राजमती के घर के बाहर खेल रहा था। इसी बीच उसका अपहरण कर लिया गया। करीब एक घंटे बाद दिव्यांश के मामा अमर सिंह के मोबाइल पर फोन आया कि भांजे के लिए परेशान हो। 20 लाख रुपये देकर बच्चे को ले जाओ। अमर सिंह ने यह जानकारी बहनोई सुधीर व बहन राज कुमारी को दी तो उनके होश उड़ गए।
थाना प्रभारी पश्चिम शरीरा और एएसपी आशुतोष मिश्र को घटना की जानकारी दी गई। एसएसपी ने बच्चे की तलाश में कई थानों की पुलिस को लगा दिया। फिरौती की सूचना वाले नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि अपहरण करने वाले सुधीर की बुआ के लड़के हैं। जिन्होंने अपह्त बच्चा बड़हरी जंगल में एक पुलिया के नीचे छिपा रखा था। वहां पुलिस पहंची को दिव्यांश मृत अवस्था में मिला। उसके मुंह, हाथ व पैर में टेप चिपका हुआ था। शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए। पुलिस के अनुसार बच्चे की मौत दम घुटने से हुई है। एडीजी जोन एसन साबत आईजी रेंज रमित शर्मा ने घटना स्थल का निरीक्षण कर अधीनस्थ अफसरों को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।