उतरांव इलाके के जलालपुर कस्बे में अपने बेटे की मौत से दुखी महिला ने बृहस्पतिवार दोपहर पड़ोसी के तीन साल के बेटे को अपने घर में बुलाया और साड़ी से गला घोंटकर मारने के बाद शव को बेड पर गद्दे के नीचे छिपा दिया। कत्ल के बाद उसने प्रतापगढ़ से अपने मायके वालों को बुला लिया। इसी बीच दो घंटे से खोजबीन में जुटी पुलिस ने घर की तलाशी ली तो बच्चे का शव मिला। पुलिस ने महिला और उसके पति समेत मायके वालों को भी पकड़ लिया।
जलालपुर कस्बे में मुख्य मार्ग पर है सतीश कुमार माली का मकान। वह फूलमाला की दुकान के सहारे पत्नी सुमन और तीन साल के पुत्र शाश्वत संग गुजारा कर रहा था। बृहस्पतिवार दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे सतीश कमरे में भोजन कर रहा था। मासूम शाश्वत खेलते हुए घर के बाहर निकल गया था। कुछ देर बाद मां सुमन का ध्यान बच्चे की तरफ गया तो वह उसे खोजने लगी। वह घर के बाहर भी नहीं दिखा तो पिता सतीश ने भी तलाश शुरू कर दी। मगर काफी खोजबीन के बावजूद बच्चा नहीं मिला। परिजनों ने मुहल्ले वालों के साथ मिलकर नाले, तालाब, कुआं तक देख लिए। आसपास के घरों में जाकर पूछा भी पर शाश्वत के बारे में कुछ पता नहीं चला। फिर सतीश ने 100 नंबर पर सूचना दी तो पुलिस भी पहुंची। थानाध्यक्ष उतरांव गजानंद चौबे ने भी इलाके में तलाशी अभियान चलाया। खोजी कुत्ते को भी बुलाया गया। पुलिस ने दो घंटे तक काफी मशक्कत की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस बीच बच्चे के लापता होने की खबर से वहां भीड़ लगती गई।
दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे सतीश के बगल में रहने वाले उसके पारिवारिक चाचा बबलू माली के यहां बोलेरो गाड़ी में प्रतापगढ़ में सांगीपुर के नारायण पुरवा से उसके ससुर कल्पनाथ, सास तथा साला मनोज आ गए। पुलिस को यह अजीब लगा कि बाहर बच्चे के लिए लोग परेशान हैं जबकि परिवार का होने के बावजूद बबलू और उसके ससुराली घर के भीतर चले गए। थानाध्यक्ष गजानंद चौबे सशंकित होकर बबलू के घर के भीतर गए। छत पर उन्हें बबलू का साला मनोज मुंह लटकाए बैठा मिला तो थानाध्यक्ष को संदेह हुआ। उन्होंने मनोज से सख्त लहजे में पूछताछ की तो उसने बताया कि बच्चे को उसकी बहन कंचन ने मार डाला है।
पुलिस ने मनोज की निशानदेही पर एक कमरे में बेड पर गद्दे के नीचे शाश्वत का शव बरामद कर लिया। उसके गले में साड़ी का फंदा था। खबर पाकर मौके पर एसपी गंगापार सुनील सिंह भी पहुंच गए। छानबीन में साफ हो गया कि बबलू की पत्नी कंचन ने शाश्वत को साड़ी से गला घोंटकर मारने के बाद शव छिपाया था। दरअसल, उसके दो बच्चे थे। 10 साल के बेटे की दो महीने पहले बीमारी से मौत के बाद से वह बेहद तनाव में थी। बृहस्पतिवार दोपहर उसने सतीश के मासूम बेटे शाश्वत को घर के बाहर खेलते देखा तो तड़प उठी। उसने अपनी सात वर्षीय बेटी साक्षी से शाश्वत को घर के भीतर बुला लिया। फिर उसे मारकर पति तथा प्रतापगढ़ में अपने मायके में फोन से बताया। कंचन को पति बबलू तथा मायके वालों समेत हिरासत में लेकर उतरांव थाने ले जाया गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने भी रात में उतरांव थाने जाकर पकड़ी गई कंचन समेत बाकी लोगों से पूछताछ की। रात तक बच्चे के कत्ल की तस्वीर साफ हो गई। कंचन को गिरफ्तार कर लिया गया।