चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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जिला न्यायालय ने बच्चियों के साथ दुष्कर्म और छेड़खानी का आरोप साबित होने पर आरोपी मुन्ना लाल को लैंगिक अपराधों से बालक के संरक्षण अधिनियम (पोस्को एक्ट) के तहत उम्रकैद और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा का आदेश सुनाते अदालत ने कहा कि अभियुक्त द्वारा किया गया कार्य वीभत्स है और यह समाज की मानसिकता को झकझोरने वाला है। सजा का आदेश अपर जिला जज (पास्को एक्ट) सुनील कुमार ने दिया।
एडीजीसी देवी शंकर ने अभियुक्त के खिलाफ साक्ष्य पेश किया। घटना कीडगंज थाने की है। पीड़ित बच्चियों का पिता कीडगंज में एक किराए के मकान में परिवार लेकर रहता था। एक मई 2013 की शाम उसकी चार और ढाई साल की पुत्रियों के रोने की आवाज आई तो उसकी मां ने मकान के छत पर जाकर देखा। वहां का नजारा देखकर वह आवाक रह गई। बच्चियों की मां को देखकर मुन्ना लाल वहां से भाग गया। आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने आठ गवाह पेश किए। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि में से 30 हजार रुपए पीड़िता को उसकी मां के जरिए दिए जाने का आदेश दिया है।