सोरांव के फाफामऊ बाजार में रहने वाले शराब कारोबारी की सोमवार को संदिग्ध हाल में गोली लगने से मौत हो गई। वह कमरे में मृत पड़े मिले और कुछ दूर पर ही तमंचा भी पड़ा मिला। घरवाले इसे खुदकुशी बता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच-पड़ताल की जा रही है।
शराब कारोबारी जवाहर लाल जायसवाल मूल रूप से थरवई के पड़िला गांव के रहने वाले हैं। उनके पांच बेटों में राजेश कुमार जयसवाल (42) सबसे छोटे थे। वह फाफामऊ बाजार स्थित मकान में परिवार संग रहते थे। इसी मकान में दो अन्य भाइयों विजय व संजय भी परिवार के साथ रहते हैं। राजेश व विजय शराब का कारोबार संभालते थे, जबकि अन्य भाइयों का अलग कारोबार है। जिले के साथ ही जौनपुर में भी उनकी शराब की दुकानें हैं। पुलिस के मुताबिक, घरवालों ने बताया है कि सोमवार सुबह नौ बजे के करीब राजेश घर के पास स्थित दुकान पर भाई संजय के साथ गए और गुटका खाने के बाद वापस चले आए।
इसके बाद करीब ढाई घंटे तक उनका कुछ पता नहीं चला। पत्नी अनीता ने संजय से पूछा तो उन्होंने तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए वह घर में ही बने कार्यालय में पहुंचे तो भीतर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। राजेश खून से लथपथ औंधे मुंह पड़े थे और उनके सीने में गोली लगी थी। पास में ही तमंचा पड़ा था। उनकी चीख सुनकर अन्य घरवाले भी पहुंच गए। आसपास के लोग भी जमा हो गए। घरवाले उन्हें लेकर निजी अस्पताल गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। जांच के बाद पुलिस ने तमंचा कब्जे में ले लिया। मौके से कुछ कागज भी बरामद हुए। इनमें प्रॉपर्टी के विवाद की बात लिखी है। हालांकि, किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि घरवाले इसे खुदकुशी का मामला बता रहे हैं। पिता ने लिखकर दिया है कि राजेश मानसिक रूप से परेशान थे और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।