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ट्यूशन पढ़ने जा रहे नौवीं के छात्र की हत्या

Fri, 10 Jul 2015 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मांडा (इलाहाबाद)। यमुनापार के मांडा इलाके में बुधवार को घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकले नौवीं के छात्र अश्विनी (14) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वह मिर्जापुर में जिगना स्थित अपनी ननिहाल में रहकर पढ़ाई करता था। एक युवक ने झांसा देकर अपने घर ले जाने के बाद उसकी हत्या की और लाश फेंक दी सड़क किनारे खेत में। बृहस्पतिवार सुबह मांडा इलाके के खेत में छात्र का शव मिलने पर ननिहाल और करछना से परिवार के लोग पहुंच गए। पुलिस ने छात्र को अपने घर ले जाने वाले के घर छापा मारा तो वह पत्नी समेत फरार था। उसके परिजनों को हिरासत में लिया गया।
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करछना के ताला हटसरा गांव निवासी उमेश कुमार के दो बेटों में अश्विनी (14) बड़ा था। उससे छोटा पुत्र अमन और एक बेटी अनामिका है। अश्विनी बचपन से ही जिगना मिर्जापुर के पटेहरा गांव में अपनी ननिहाल में रहता था। नाना के निधन के बाद वह नानी कलावती और मामा बिरजू पाल के साथ रहकर चितौली छानबे गांव स्थित भोलानाथ मिश्र पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। इस साल वह कक्षा नौ में था। उसका मामा बिरजू पाल छत्तीसगढ़ एसटीएफ में सिपाही है। अप्रैल में बिरजू का ब्याह हुआ था। बुधवार दोपहर छुट्टियां खत्म होने पर वह दो बजे दुर्ग के लिए रवाना हो गया। दोपहर करीब पौने तीन बजे अश्विनी ट्यूूशन पढ़ने के लिए घर से कुसहा गांव के लिए निकला। फिर उसका कुछ पता नहीं चला। रात में वह नहीं लौटा तो नानी कलावती परेशान हो गईं।

बृहस्पतिवार सुबह घर से करीब आधा किलोमीटर दूर खेत में किसी ने अश्विनी की लाश देखी तो शोर मचाया। वहां भीड़ लगी तो खबर पाकर अश्विनी की नानी कलावती और चचेरे मामा ब्रहमचारी पाल भी पहुंच गए। जहां खेत में शव मिला वह इलाका मांडा थाने में होने की वजह से वहां की पुलिस पहुंच गई। सीओ मेजा राजवीर सिंह के साथ एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र भी आ गए। अश्विनी की हत्या गला घोंटकर की गई थी। सीने पर भी चोट थी। अश्विनी के दोस्त राजू मौर्या ने परिजनों और पुलिस को अहम जानकारी दी।
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राजू ने बताया कि अश्विनी के साथ ट्यूशन पढ़ने जा रहा था तभी पयागपुर रमगढ़वा गांव निवासी कमलेश कुमार बिंद मिल गया। वह अश्विनी के मामा बिरजू का दोस्त है। कमलेश ने अश्विनी से कहा कि वह उसे अपनी साइकिल पर बैठाकर उसके घर तक छोड़ दे। राजू के मुताबिक, अश्विनी ने उसे अपना बैग दिया और यह कहकर कमलेश को साइकिल पर बैठाकर चला गया कि कुछ देर में ट्यूशन पढ़ने आ जाएगा। मगर वह आया नहीं। राजू से यह पता चलते ही पुलिस ने कमलेश के घर छापा मारा तो वह पत्नी समेत फरार था। उसकी मां, बहन और भई को पुलिस ने हिरासत में लिया। घर की तलाशी में अश्विनी का चप्पल और रुमाल भी मिला। यह रहस्य बना है कि आखिर कमलेश ने अश्विनी को अपने घर ले जाकर क्यों मारा। वह तो उसके मामा बिरजू का साथी है। बुधवार को दुर्ग (छत्तीसगढ) रवाना होने से पहले भी बिरजू उसके पास गया था। पुलिस छानबीन में जुटी है।

अश्विनी के कत्ल की खबर से उसकी ननिहाल और करछना में उसके घर में कोहराम मच गया। मां रानी देवी और पिता उमेश भी वहां पहुंच गए, जहां शव खेत में मिला। मां और नानी के विलाप ने लोगों को और भी गमगीन कर दिया। कोई नहीं समझा पा रहा कि आखिर 30 वर्षीय कमलेश बिंद ने ऐसा क्यों किया। चचेरे मामा ब्रह्मचारी पाल की तहरीर पर पुलिस ने कमलेश के खिलाफ हत्या की एफआईआर लिखी है।
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