शहर के कटरा बाजार के दो कारोबारियों अमित गुप्ता और सचिन केसरवानी की हत्या के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों कृष्णा और दिव्यांशु चौरसिया उर्फ देबू को शनिवार को कर्नलगंज पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि आरोपी पुलिस के सामने दुर्घटना की कहानी दोहराते रहे। मुख्य आरोपी कृष्णा यही कहता रहा कि हादसे में दोस्तों की मौत के बाद वह नशे और घबराहट में सही फैसला नहीं कर सका कि उसे क्या करना चाहिए। पुलिस का कहना है कि मुकदमा कत्ल का दर्ज है और परिस्थितियां भी यही बता रही हैं इसलिए दोनों आरोपियों को जेल भेजकर छानबीन की जा रही है। उधर, व्यापारी घटना में शामिल बाकी लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने पर इलाहाबाद बंद की तैयारी में हैं। शनिवार को मृतक के घरवालों ने डीजीपी और मुख्यमंत्री को ट्विट कर कर्नलगंज पुलिस पर मामले में लीपापोती का आरोप लगाया है। सचिन और अमित के परिजन कारोबारियों के साथ दोपहर में डीआईजी से मिले और हत्या में शामिल अन्य आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की है।
बृहस्पतिवार रात की घटना के बाद अमित और सचिन के घरवाले हत्या का आरोप लगा रहे थे। जबकि उन दोनों को अपनी सफारी में बैठाकर ले जाने वाला कृष्णा और उसका दोस्त दिव्यांशु कहता रहा कि सफारी तेज रफ्तार में डिवाइडर से टकरा गई थी जिससे यह दुर्घटना हो गई। कर्नलगंज पुलिस ने मृत कारोबारी अमित के भाई नितिन की तहरीर पर कृष्णा और दिव्यांशु के खिलाफ हत्या और धमकी का मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद पुलिस भी कह रही है कि यह दुर्घटना का ही मामला लग रहा है। एसपी सिटी विपिन टांडा ने शनिवार को कहा कि यह एक हादसा ही लग रहा है लेकिन परिजनों ने कत्ल का आरोप लगाया है इसलिए गहराई से तफ्तीश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि अमित और सचिन के शरीर पर कई जगह गहरे जख्म थे। सामान्यत: ऐसी चोट दुर्घटना में नहीं आती है।
कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि अभी साफतौर पर इस घटना के बारे में कुछ भी कहना सही नहीं होगा। ये दोहरे कत्ल की घटना है तो इसमें कुछ और भी लोग शामिल रहे होंगे। कृष्णा केसरवानी और दिव्यांशु चौरसिया उर्फ देबू के साथियों के भी बारे में जांच की जा रही है। पुलिस रामवाटिका और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल की है जिसके जरिए साफ हो सकता है कि दोनों आरोपियों ने झूठी कहानी गढ़ी या वे सच बोल रहे हैं। आरोपियों और मृतकों के मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन से पुलिस को पता चला है कि वे कीडगंज तक गए हैं। ऐसे में पुलिस कॉल डिटेल की गहराई से छानबीन कर रही है। इंस्पेक्टर मनोज तिवारी का कहना है कि फिलहाल आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अब सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा सफारी की फोरेंसिक जांच पर विशेषज्ञों की राय लेकर किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा। उधर, सचिन के चचेरे भाई संजय केसरवानी जो कटरा व्यापार मंडल के मंत्री हैं, का कहना है कि सभी व्यापार मंडलों से बात की जा रही है कि पुलिस ने घटना में शामिल बाकी लोगों का पता लगाकर गिरफ्तारी नहीं की तो सोमवार को इलाहाबाद बंद का फैसला लिया जा सकता है।