लालगोपालगंज (इलाहाबाद)। नवाबगंज के शृंग्वेरपुर घाट पर रविवार सुबह स्नान के बाद कलश में जल भरते वक्त शिवभक्त अंकित गुप्ता (18) गंगा में गिरकर डूब गया। दो घंटे बाद उसकी लाश ही मिली। इससे बौखलाए कांवड़ियों और स्थानीय लोगों ने भारी बवाल किया। गोताखोरों को बुलाने में देरी के विरोध में पहले तो घाट के पास ही पथराव किया गया जिसमें दरोगा को गहरी चोट पहुंची। फिर भीड़ ने शव को लखनऊ मार्ग पर लालगोपालंज पुलिस बूथ के पास रखकर चक्काजाम और पथराव किया जिसमें पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस अधिकारियों ने कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ वहां स्थिति संभाली। परिजनों के इनकार के चलते शव को पंचनामा भरकर उनके हवाले कर दिया गया।
लालगोपालगंज पुलिस चौकी के पास अंजाही मुहल्ले में रहने वाले चिरौंजीलाल गुप्ता के दो बेटों में बड़ा अंकित गुप्ता इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद शहर में रहकर नेवी की तैयारी कर रहा था। सावन के मौके पर मुहल्ले के तमाम युवकों ने प्रतापगढ़ में घुइसरनाथ धाम जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने का फैसला किया। अंकित ने भी साथ जाने की तैयारी कर ली। रविवार सुबह 50 से ज्यादा शिव भक्तों के साथ अंकित भी घर से शृंग्वेरपुर घाट पहुंचा। गंगा स्नान के बाद वह कलश में जल भरने लगा तभी फिसलकर गहरे पानी में गिर गया। साथियों के देखते ही देखते वह गंगा में समा गया। हल्ला मचा तो आसपास के मल्लाह जुट गए।
लालगोपालगंज चौकी की पुलिस भी पहुंची। मल्लाहों को गंगा में उतारा गया। साथ ही शहर में भी सूचना देकर गोताखोर भेजने के लिए कहा गया। मगर मल्लाह डूबे अंकित को नहीं खोज सके। शहर से गोताखोर दो घंटे बाद भी नहीं पहुंचे। हंगामा होने लगा तो एसडीएम और सीओ सोरांव भी गए। वे लोगों को समझाने का प्रयाग करते रहे मगर करीब नौ बजे गुस्साए कांवड़ियों ने पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए पथराव कर दिया। एक पत्थर लालगोपालगंज चौकी प्रभारी सतीश यादव के कान के पास लगा, जिससे वह लहूलुहान हो गए। आक्रोश बढ़ता देख सिपाही कुंदन यादव ने स्थानीय गोताखोरों के साथ गंगा में छलांग लगा दी। कुछ देर बाद अंकित मिला लेकिन उसकी सांस थम चुकी थी। अंकित की मौत से गुस्साए कांवड़ियों ने लालगोपालगंज पुलिस बूथ के पास लखनऊ मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। खबर पाकर एसपी गंगापार भी सीओ और एसडीएम समेत कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गए।
पुलिस और भीड़ के बीच नोंकझोंक के बीच ही अचानक फिर ईंट-पत्थर चलाए गए। नवाबगंज थाने की जीप समेत कई गाड़ियों को पथराव में नुकसान पहुंचा। इस बवाल से भगदड़ मच गई। लालगोपालगंज बाजार बंद हो गया। एसपी गंगापार के समझाने और मनाने पर अंकित का शव कुछ दूर पर उसके घर ले जाया गया। पुलिस ने स्थिति संभाली। घरवालों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया तो इस बारे में उनसे लिखित लिया गया। फिर अंकित के शव की अंत्येष्टि कर दी गई। लालगोपालगंज इलाके में पहले से ही भारी तनाव की स्थिति को देखते हुए दोपहर बाद वहां रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती कर दी गई।
कांवड़िए की गंगा में डूबकर मौत के बाद बवाल में पुलिस ने दो एफआईआर लिखी है। एक केस चौकी प्रभारी लालगोपालगंज सतीश यादव ने दर्ज कराया जो पथराव में जख्मी हो गए। उनके कान पर गहरी चोट पहुंची। दूसरी रिपोर्ट श्रृंग्वेरपुर चौकी प्रभारी मनोज राय ने राजमार्ग पर आवागमन बाधित करने और बलवा पथराव कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में 10 नामजद और 100 अज्ञात के खिलाफ लिखा है।