मऊआइमा इलाके में बृहस्पतिवार सुबह स्कूल बस के पहिए के नीचे आने से दो साल के मासूम की जान चली गई। वह अपने दादा के साथ बड़े भाई स्कूल को बस तक छोड़ने आया था। छात्र के बैठने के बाद बस को ड्राइवर ने बैक किया तो पीछे खड़ा बच्चा उसकी चपेट में आ गया। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने बस कब्जे में ली हालांकि परिजनों ने एफआईआर नहीं लिखाई है।
दुबाही गांव निवासी मोहम्मद अहमद का चार साल का बेटा शमशाद प्रतापगढ़ के नेशनल हायर सेकेंड्र्ी स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है। वह बस से स्कूल जाता और घर लौटता है। बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे वह दादा शौकत उसे बस तक पहुंचाने के लिए निकले तो शमशाद का छोटा भाई दो साल का आर्यन भी पीछे लग गया। शौकत उसे गोद में उठाकर बस तक ले आए। फिर शमशाद को बस में बैठाने के लिए उन्होंने आर्यन को सड़क पर उतार दिया। आर्यन को बस में बैठाने के बाद ड्राइवर ने बस बैक की तो पीछे खड़ा आर्यन उसकी चपेट में आ गया।
दादा शौकत चीखते हुए पीछे भागे मगर तब तक पहिए के नीचे आने से आर्यन की मौत हो गई थी। दादा की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी जुट गए। परिजनों समेत बच्चे की मां भी रोते-कलपते आ गई। पुलिस भी आ गई। पुलिस ने बस कब्जे में लेकर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि मासूम के परिजनों ने शव को बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया। बस चालक के खिलाफ एफआईआर भी नहीं दर्ज कराई। ऐसे में पुलिस का कहना है कि कार्रवाई नहीं की जा रही है।