नैनी (इलाहाबाद)। यमुनापार के औद्योगिक क्षेत्र इलाके में बुधवार रात 40 वर्षीय साधु यादव की घर के भीतर चारपाई पर हत्या कर दी गई। उस पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। घटना के बाद से भतीजा फरार है इसलिए वह भी संदिग्ध है हालांकि मुकदमा अज्ञात लोगों पर लिखा गया है।
बेलवट गांव में रहने वाला रामरूप यादव उर्फ साधु तीन भाइयों में छोटा था। उसका ब्याह भी नहीं हुआ था। बड़ा भाई शिवसरोज 15 साल से लापता है। उसके परिवार में पत्नी मंगला, चार बेटियां और एक पुत्र अनुज यादव है। 22 साल का अनुज ढाई साल पहले नौकरी करने के लिए पूना चला गया था। यहां उसकी मां मंगला रहती थी। कुछ दिन पहले अनुज भी पूना से घर आया था। बुधवार रात चाचा और भतीजा घर के अहाते में आसपास ही चारपायी पर सोए थे। रात करीब ग्यारह बजे अचानक साधु यादव की चीख सुनकर उसकी भाभी मंगला की नींद खुली।
वह अहाते में पहुंची तो साधु तड़प रहा था। मंगला का पुत्र अनुज यादव बाहर निकल गया। मंगला ने शोर मचाया तो आसपास के लोग घरों से निकलकर आ गए। तब तक साधु की मौत हो गई थी। उसके गले पर गरा वार किया गया था। खून सनी कुल्हाड़ी भी चारपायी के बगल में पड़ी मिली। आधी रात पुलिस ने मौके पर आकर निरीक्षण किया। रक्तरंजित कुल्हाड़ी कब्जे में लेकर पुलिस ने मंगला से पूछताछ की। वह घटना के बारे में सिर्फ चीख सुनकर कमरे से बाहर निकलने के बारे में बता सकी। ऐसे में कत्ल किसने किया? यह सवाल बना है।
घटना के बाद से भतीजा अनुज भी गायब है। उसे मुख्य संदिग्ध माना गया है। हालांकि घरवालों का कहना है कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। घबराकर भाग गया होगा मगर घटना की सारी परिस्थितियां उसकी ओर इशारा कर रही हैं। थानाध्यक्ष आदित्य सिंह के मुताबिक, मृतक के चाचा राजरूप यादव ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आशनाई समेत दूसरे पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटना के बाद से गायब अनुज के पकड़ में आने पर घटना का खुलासा हो सकता है।