मऊआइमा क्षेत्र के महमदपुर गांव में क्रिकेट मैच के दौरान दो लड़कों के बीच हुए झगड़े में बवाल हो गया। सोमवार सुबह एक लड़के के पक्ष से दर्जनों लोगों ने लाठियों और असलहों से लैस होकर दलित बस्ती में हमला बोल दिया। महिलाओं-बच्चों को पीटा और लड़कियों से खींचतान की। कई महिलाएं और पुरुष घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने थानेका घेराव किया लेकिन पुलिस ने दोनों तरफ से मुकदमा लिखा है।
महमदपुर गांव में रविवार को क्रिकेट मैच के दौरान सुजीत कुमार और साबित अली के बीच झगड़ा हो गया था। तब किसी तरह उन दोनों को शांत कराकर घर भेज दिया गया था। उसी खुन्नस में सोमवार सुबह उन दोनों के बीच झड़प के बाद मारपीट हो गई। साबित ने घर जाकर बताया तो उसके पक्ष के दर्जनों लोगों ने दलित बस्ती में घुसकर हमला बोल दिया। लाठी-डंडे और हथियारों से हमला होने पर दलित बस्ती के लोग भागने लगे। मगर आरोप है कि उन्हें दौड़ाकर घेरने के बाद पीटा गया।
महिलाओं-बच्चों को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा। पिटाई के साथ ही युवतियों से बदसलूकी का भी आरोप है। करीब एक घंटे तक दलित बस्ती में तांडव होता रहा। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते रहे। इसी बीच किसी ने फोन से कंट्रोल रूम में खबर दी तो कई थानों की पुलिस फोर्स वहां पहुंची। हालांकि पुलिस बल के पहुंचने से पहले ही उपद्रवी फरार हो गए। एक भी हमलावर नहीं पकड़ा जा सका। पुलिस ने हमले में घायल सुजीत कुमार, सोहन लाल, बुद्धू, गोलू, पवन कुमार, पिंकी, मनीषा देवी, सविता को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहर में सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
महमदपुर गांव की घटना में मीना देवी पत्नी सोहन लाल की तहरीर पर मऊआइमा थाने में साबित अली, इरशाद, नौशाद, शब्बीर, नन्हे खां, नवाब अली, मोबीन, इकरार अली सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ दलित उत्पीड़न, बलवा, मारपीट, धमकी, बदसलूकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दलित बस्ते में हमले से दो वर्गों के बीच तनाव बना है। वहां पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी उपद्रवियों की गिरफ्तारी की जाएगी। रात में पुलिस ने दूसरे पक्ष से भी तहरीर लेकर आठ लोगों पर केस दर्ज कर लिया।