गर्मी बढ़ने के साथ शहर के बड़े हिस्से में दूषित जलापूर्ति की समस्या बढ़ती जा रही है। मीरापुर, अतरसुइया, सदियापुर, डंडिया, बाघम्बरी रोड के बड़े हिस्से में यह समस्या अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि बेली, नेवादा, ऊंचवागढ़ी, मऊसरैया तथा चौक स्थित पानदरीबा के हजारों घरों में गंदा पानी आने लगा है। आश्चर्य यह कि जलकल विभाग जिसकी जिम्मेदारी साफ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ सीवर लाइन की सफाई की भी है, उसके महाप्रबंधक कह रहे हैं कि पुराने शहर में सीवर लाइन चोक होने के कारण समस्या है।
शहर में गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या लंबे समय से है। मीरापुर में नेहरू नगर, लोहिया नगर, हर्षवर्धन नगर, सब्जी मंडी, शास्त्री नगर आदि मोहल्लों के साथ सदियापुर, अतरसुइया में दूषित जलापूर्ति की समस्या करीब तीन माह से है। कई बार शिकायत के बावजूद यहां समस्या दूर नहीं हुई है। यही हाल अल्लापुर में डंडिया, बाघम्बरी रोड पर हैं, जहां सैकड़ों घरों में महीनों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। इस बीच चौक के व्यावसायिक क्षेत्र पानदरीबा तथा बेली, नेवादा, ऊंचवागढ़ी, मऊसरैया में भी दूषित जलापूर्ति की समस्या खड़ी हो गई। पानदरीबा में करीब 150 घरों में समस्या है, जबकि दूसरे मोहल्लों के सैकड़ों घरों में लोग गंदे पानी की आपूर्ति से परेशान हैं।
व्यापारी नेता विजय गुप्ता के नेतृत्व में पानदरीबा के व्यापारी इस मामले में मंगलवार को जीएम वीएन द्विवेदी का घेराव करेंगे। उधर, जीएम का कहना है कि अतरसुइया, हैजा अस्पताल परिसर में ट्यूबवेल खराब होने के कारण गंदे पानी की समस्या थी। इन ट्यूबवेल को रीबोर कराया गया जा रहा है। उनका कहना है कि पुराने शहर में काफी समय से सीवर लाइन की सफाई नहीं हुई। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने अवैध कनेक्शन ले रखे हैं। गलत तरीके से लाइन जोड़ने के कारण दूषित जलापूर्ति हो रही है। कहा कि सीवर की सफाई के बाद समस्या दूर होगी। इसके साथ अवैध कनेक्शन वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
मीरापुर में एमएल कॉन्वेंट स्कूल के पास लगे ट्यूबवेल नंबर दो की मोटर जल जाने से सोमवार को पानी का संकट खड़ा हो गया। यहां सुबह ट्यूबवेल चालू होने ही मोटर में खराबी आ गई। इसकी वजह से सैकड़ों घरों में लोगों को पानी नहीं मिला। सूचना पर दिन में जलकल विभाग के कर्मचारी पहुंचे। ट्यूबवेल खोलकर मोटर बदली गई। शाम को जैसे ही आपूर्ति शुरू हुई मोटर फिर से खराब हो गई। इसकी वजह से शाम को भी आपूर्ति नहीं हो सकी। हालांकि कर्मचारी दोबारा ट्यूबवेल को ठीक करने पहुंचे लेकिन देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।