फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पति के कत्ल की आरोपी ने जहर खाकर खुदकुशी की

Wed, 22 Mar 2017 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
विज्ञापन
क्राइम
विज्ञापन
वकील पति के कत्ल की आरोपी महिला ने सोमवार की रात जहर खाकर खुदकुशी कर ली। 2015 में हुई वकील की हत्या में पुलिस ने उसकी पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हफ्ता भर पहले ही वह जमानत पर रिहा हुई थी। जेल से छूटने के बाद वह अवसाद से पीड़ित हो गई थी।
विज्ञापन


थरवई के खुदी का पूरा गांव के सत्येंद्र यादव जिला न्यायालय में अधिवक्ता थे। 30 नवंबर 2015 को न्यायालय से लौटते समय तारडीह गांव के पास उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच में जुटी पुलिस को पत्नी गीता के मोबाइल से ही हत्या के सुराग मिले थे। नंबर को सर्विलांस पर लिया गया तो खुलासा हो गया कि सत्येंद्र की पत्नी गीता और उसके प्रेमी धर्मेंद्र यादव ने ही मर्डर कराया है। पता चला कि दोनों के बीच पिछले दस सालों से संबंध थे। यह बात घर वालों को भी पता हो गई थी।

पुलिस ने धर्मेंद्र के साथ उसके साथी राकेश को गिरफ्तार किया था। सत्येंद्र की पत्नी गीता को उसी दिन पकड़कर जेल भेज दिया गया था। तब से वे जेल में ही थे। सत्येंद्र और गीता की दो बेटियां अपने बाबा के पास रहती हैं। इसी 13 मार्च को गीता जमानत पर रिहा हुई और मायके प्रसिद्ध का पूरा फाफामऊ आ गई। घर वालों के मुताबिक जेल से आने के बाद वह किसी से बात नहीं करती थी। सिर्फ हां ना में जवाब देती थी। सोमवार दिन में उसने अपने भाई से 300 रुपये मांगे तो भाई ने यह समझकर दे दिया कि किसी चीज की जरूरत होगी। गीता मार्केट गई और शाम को घर आई। किसी से कुछ बताया नहीं। रात में खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गई।
विज्ञापन


सुबह जब वह काफी देर तक नहीं उठी तो घर वाले उसके कमरे में पहुंचे। उसका शरीर ठंडा पड़ गया था। मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि उसने जहर खाया था।

एक लाख रुपये की दी गई थी सुपारी
सत्येंद्र की हत्या के लिए गीता के प्रेमी धर्मेंद्र ने अपने एक परिचित राकेश और उसके भाई मुकेश से बात की थी। राकेश ने ही उतरांव के अपराधी लल्लन से उसे मिलवाया। एक लाख में बात तय हुई थी। धर्मेंद्र ने 50 हजार रुपये एडवांस दिए थे। घटना के खुलासे के समय प्रेस कांफ्रेंस में धर्मेंद्र पूरा मामला गीता पर थोप दिया था। कहा था कि गीता ने उस पर हत्या कराने के लिए दबाव डाला था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें