यमुनापार के लालापुर इलाके में बृहस्पतिवार रात शादी समारोह में द्वारचार के दौरान हर्ष फायरिंग हुई। गोली लगने से लड़की के चाचा झल्लर (40) की मौत हो गई। आरोपी तमंचा लहराते हुए भाग निकला। शादी समारोह में खलबली मच गई। खुशी का माहौल मातम में बदल गया। घरवालों ने आननफानन में शादी की रस्में पूरी करा रात में ही लड़की की विदाई कर दी। मौत की खबर पाकर लालापुर पुलिस पहुंची। तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
लालापुर के जगदीशपुर गांव में बृहस्पतिवार को अर्जुन आदिवासी की बेटी रागिनी की शादी थी। बारात करछना के खाई भुंडा गांव से आई थी। बारात में शामिल होने के लिए लड़की का चाचा झल्लर अपनी ससुराल कौंधियारा के बेलसारा कांटी गांव से परिवार समेत आया था। रात लगभग 11 बजे द्वारचार की रस्म हो रही थी। इसी समय हर्ष फायरिंग शुरू हो गई। इसी बीच द्वारचार में खड़े झल्लर के सीने में एक गोली जा धंसी। खून से लथपथ झल्लर के जमीन पर गिरते ही खलबली मच गई। आननफानन में लहूलुहान झल्लर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
उधर, इस घटना के बाद फायरिंग करने वाला आरोपी तमंचा लहराते हुए भाग निकला। घरवालों ने झल्लर की मौत की बात छिपाकर आननफानन में शादी की रस्में पूरी कीं और रात में ही लड़की की विदाई कर दी। विदाई के बाद झल्लर का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। सूचना पर एसओ लालापुर स्वास्तिक द्विवेदी और सीओ बारा पहुंचे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक झल्लर के छोटे भाई शिवशंकर की तहरीर पर आरोपी आदेश यादव निवासी जगदीशपुर के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा लिखकर पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आदेश यादव ही शादी में जबरन तमंचे से हर्ष फायरिंग कर रहा था। उसी के तमंचे से निकली गोली झल्लर के सीने में लगी थी। झल्लर की मौत से पत्नी और बच्चों का रोकर बुरा हाल है। झल्लर के तीन बेटे और दो बेटियां हैं। पिता की मौत से वे गम में डूबे हैं।
लालापुर इलाके में बृहस्पतिवार रात हर्ष फायरिंग में हुई अनहोनी की घटना का आरोपी आदेश यादव एसओ बारा आरपी द्विवेदी हत्याकांड में भी पकड़ा गया था। पुलिस ने उसे पकड़कर जेल भेजा था। उसके खिलाफ गैंगेस्टर समेत कई मुकदमे लालापुर थाने में दर्ज हैं। यहीं वजह है कि शादी के दौरान जब वह तमंचे से गांववालों के सामने फायर करने लगा तो उसे कोई रोक भी नहीं पाया। उसकी दबंगई के चलते गांव वाले चुप रहे।
यमुनापार के मेजा इलाके में पिछले महीने हर्ष फायरिंग में एक छात्र की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि कुछ दिनों में यमुनापार इलाके में हर्ष फायरिंग में मौत का यह दूसरा मामला सामने आ गया है। छात्र की मौत लोगों ने आरोपी को मौके से ही दबोच लिया था। जमकर धुनाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद भी लोग हर्ष फायरिंग पर रोक नहीं लग रही है।
भीड़भाड़ वाले स्थान और सार्वजनिक जगहों पर असलहों के प्रदर्शन पर रोक है। इस तरह से लाइसेंसी असलहे से फायरिंग करने पर असलहा तक निरस्त हो सकता है, लेकिन पुलिस की लापरवाही के चलते यह सिलसिला थम नहीं रहा है। लगभग डेढ़ साल पहले राजापुर इलाके में एक शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में ही फोटोग्राफर की गोली लगने से मौत हो गई थी। कटरा इलाके में दरोगा की शादी में हर्ष फायरिंग में एक युवक की गोली लगने से मौत हो चुकी है। आए दिन ऐसी घटनाओं के सामने आने के बाद भी हर्ष फायरिंग पर रोक नहीं लग रही है।