इलाहाबाद के मऊआइमा में डेकोरेशन का काम करने गए युवक को बारात में हो रही हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लग गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह लोगों ने उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताते हुए शव उसके बहनोई से घर भेजवा दिया। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारी में नहलाने के दौरान उसे गोली लगने का खुलासा हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में शव को मऊआइमा ले जाया गया।
हथिगवां थाना क्षेत्र के बहादुर का पुरवा महराजपुर निवासी संदीप मौर्या (26) पुत्र स्व.महरानीदीन डेकोरेशन का काम करता था। वह 18 फरवरी को वह मऊआइमा के चंपागढ़ मलखान में ललित मोहन मौर्या के यहां आने वाली बारात में डेकोरेशन का काम करने गया था। उसी तरफ उसकी बहन का घर भी है। बारात में देर रात हर्ष फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान गोली लगने से संदीप की मौत हो गई। सुबह गृहस्वामी ने उसकी मौत को हार्टअटैक बताते हुए उसके बहनोई को शव ले जाने को कहा। इस पर उसके बहनोई और उसके परिवार का एक युवक उसका शव लेकर महराजपुर पहुंचे और उसकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताते हुए शव परियजनों के हवाले कर दिया।
परिजनों ने 19 फरवरी को उसके दाह संस्कार की तैयारी शुरू की और तो शव को नहलाया जाने लगा। इस बीच परिजनों की नजर गोली के घाव पर पड़ी, जिसमें कपड़ा लगा दिया गया था। इस पर उन्हें शक हुआ। शाम करीब पांच बजे डायल 100 को इसकी सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और उसके बहनोई और साथ आए युवक को हिरासत में ले लिया। बाद में थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद मृतक के मामा का इंतजार किया जाने लगा। सुबह उसके मामा पहुंचे और घटना मऊआइमा की बताते हुए शव वहां पर ले जाकर पोस्टमार्टम कराने की बात कही। इस पर स्थानीय पुलिस ने उनसे लिखित सूचना लेकर शव को मऊआइमा पुलिस के हवाले कर दिया। घटना से परिजनों में चीखपुकार मची हुई है।