गंगापार के सोरांव में बृहस्पतिवार रात सनसनीखेज वारदात हुई। बिगहिया गांव में धारदार हथियार से हमलाकर एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई। इसमें महिला पीडब्ल्यूडी कर्मचारी, उसकी बेटी व दामाद के साथ आठ साल का नाती शामिल है। पुलिस का कहना है कि मृतका के दूसरे दामाद समेत परिवार के पांच लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया संपत्ति के विवाद की बात सामने आई है।
बिगहिया में रहने वाली कमलेश देवी(55) पत्नी विमलचंद्र पांडेय पीडब्ल्यूडी कर्मचारी थीं। कई साल पहले पति की मौत के बाद उनकी जगह ही उन्हें नौकरी मिली थी। उनके एक बेटा व तीन बेटियों में रिंकी उर्फ किरन(32) बड़ी थी। उसकी शादी मेजा के औंता गांव निवासी प्रतापनारायण मिश्रा(35) पुत्र बालसखा से हुई थी। उनके दो बच्चों में विराट(8) बड़ा था जबकि डेढ़ महीने की एक बेटी है। मां घर में अकेली रहती थी और इसलिए रिंकी अक्सर अपने बच्चों को लेकर यहीं रहती थी। शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब पड़ोसियों ने रिंकी की नवजात बेटी की रोने की आवाज सुनी। आधे घंटे बीतने के बाद भी उसका रोना बंद नहीं हुआ तो मोहल्ले के लोग घर में गए। वहां दरवाजा खुला मिला। दरवाजे पर पहुंचकर जैसे ही लोगों ने कमरे में देखा, उनके मुंह से चीख निकल गई। रिंकी व प्रतापनारायण के खून से लथपथ शव चारपाई पर पड़े थे।
जबकि विराट फर्श पर औंधे मुंह मृत पड़ा था। बगल में ही रिंकी की डेढ़ महीने की नवजात बेटी बिलख रही थी। घटना से गांव में सनसनी फैल गई। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस घर के भीतर दाखिल हुई तो अंदर के कमरे में कमलेश देवी भी चारपाई पर मृत पड़ी मिलीं। कमरे में चारों तरफ खून फैला हुआ था। धारदार हथियार से हमलाकर सभी को मौत के घाट उतारा गया था। एक साथ चार लोगों के कत्ल की जानकारी पर पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन मेें एसएसपी, आईजी व एडीजी भी मौके पर पहुंचे। कमलेश की अन्य दोनों बेटियां व रिंकी के ससुराल पक्ष के लोग भी पहुंच गए। फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।