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रंजिश में पांच युवकों पर उस्तरे से हमला, एक की मौत

Sun, 27 May 2018 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मऊआइमा थाना क्षेत्र के ग्राम गुलकाईपुर के पास कांशीराम आवासीय कॉलोनी में शनिवार की रात लगभग नौ बजे नशे में धुत एक युवक ने पांच लोगों को उस्तरा से वार करके घायल कर दिया। घायलों को तुरंत एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया जहां पहुंचने से पहले एक घायल भाईलाल ने दम तोड़ दिया। इनमें से एक की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। उधर, इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और चक्काजाम शुरु कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी नितिन तिवारी समेत वरिष्ठ पुलिस अफसर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। खबर लिखे जाने तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
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जानकारी के मुताबिक कांशीराम आवासीय योजना के समीप शनिवार की रात काले खान अपने एक साथी मो. नसीम पुत्र मो. इरफान निवासी मऊदौसपुर के साथ तेज रफ्तार बाइक से पहुंचा वहां गुलकाईपुर के नरेंद्र कुमार 25 पुत्र कल्लू, मनोज कुमार मौर्या 28 पुत्र प्रहलाद, भाईलाल 25 पुत्र रामआसरे, सूरज मौर्या 26 पुत्र सुरेश, मनोज कुमार 28 पुत्र जीतलाल मौजूद थे। घायल नरेंद्र के मुताबिक इन लोगों ने तेज रफ्तार बाइक चलाने से मना किया। इतने पर काले खान ने बाइक रोककर जेब से उस्तरा निकाल लिया और सभी पर अंधाधुंध तरीके से वार करने लगा। उस्तरे का सीधा वार भाईलाल और सूरज पर हुआ। दोनों के गले एवं चेहरे पर गहरे जख्म हो गए। दूसरे युवकों को भी गंभीर चोट आयी। हंगामा सुनकर जब तक वहां लोग पहुंचते सभी को बुरी तरह घायल कर हमलावर वहां से भाग गया।

मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि भाई लाल और सूरज खून से लथपथ जमीन पर तड़प रहे थे। नरेंद्र, मनोज एवं मनोज मौर्या भी बुरी तरह घायल थे। ग्रामीणों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने के साथ एंबुलेस बुलाई। घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उनको सीधा एसआरएन अस्पताल के लिए ले जाया गया लेकिन यहां पहुंचने से पहले ही भाईलाल की मौत हो गई जबकि सूरज की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। सभी को एसआरएन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। उधर, घटना की सूचना मिलने पर एडीजी, एसएसपी नितिन तिवारी भी थोड़ी देर में मौके पर पहुंच गए। तनाव को देखते हुए वहां भारी मात्रा में पुलिस बल भी बुला लिया गया। वारदात के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्का जाम भी किया। खबर लिखे जाने तक मौके पर तनाव बना हुआ था।
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भाईलाल की मौत के बाद तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पच्चीस वर्षीय भाईलाल की बेहद कम उम्र में शादी हो गई थी। उसके बाद गांव में परिवार के साथ रहकर ही वह जीवकोपार्जन करता था। उसके दो पुत्र एवं एक पुत्री थी जिनमें छह साल का पुत्र शेखर, चार साल का लड़की श्वेता एवं ढाई साल का एक लड़का और था। हादसे की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग रोते-बिलखने लगे।
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