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जंक्शन पर धमाका, मचा हड़कंप

Wed, 13 May 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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जंक्शन रेलवे स्टेशन के सिविल लाइंस साइड में मंगलवार सुबह पार्किंग में विस्फोट से हड़कंप मच गया। यह धमाका उस पॉलीथिन में हुआ था जिसे एक कुत्ता गाड़ियों के बीच खींचकर ले गया था। धमाके में कुत्ते के चीथड़े उड़ गए। सूचना पर सिविल लाइंस समेत कई थानों की पुलिस, अफसर, जीआरपी, आरपीएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के दौरे के दौरान हुए विस्फोट को गंभीरता से लेते हुए बम डिस्पोजल स्कवॉयड और स्निफर डॉग से जांच कराई गई। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। हालांकि जांच के बाद पुलिस ने माना है कि कोई अराजक तत्व कूड़े के ढेर पर पॉलीथिन में देशी बम छोड़ गया था जिसे कुत्ते ने खींचा तो धमाका हो गया।
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जंक्शन स्टेशन पर मंगलवार को रेलवे बोर्ड अध्यक्ष एके मित्तल के दौरे के चलते व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। सफाई के अलावा सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को तैनात किया गया था। इसी बीच सुबह करीब आठ बजे सिविल लाइंस साइड में पानी टंकी के बगल वाहन स्टैंड के बैरियर के पास धमाका हुआ। इसी बीच लोगों ने देखा कि एक कुत्ता मरा पड़ा था। उसके मुंह के पास ही पॉलीथिन के टुकड़े बिखरे थे। विस्फोट की खबर मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ की टीम पहुंच गई।


फिर एसएसपी बीपी श्रीवास्तव और एसपी सिटी राजेश यादव भी आ गए। मौके पर स्निफर डॉग और बम डिस्पोजल स्कवॉयड को बुलाकर छानबीन की गई। किसी चश्मदीद ने पुलिस को बताया कि कुत्ता कूड़े के ढेर से पॉलीथिन खींचकर स्टैंड के भीतर नोंच रहा था। तभी विस्फोट होने से उसकी जान चली गई। चौकी प्रभारी नगर निगम बीआर बिंद के मुताबिक, मौके पर जांच से साफ हो गया है कि यह देशी बम था, जिसे किसी ने पॉलीथिन में रखकर फेंक दिया था। यह भी पता चला है कि पॉलीथिन में खाने के कुछ अवशेष थे जिसकी वजह से कुत्ता उसे खींचकर स्टैंड के भीतर ले गया था। हालांकि जंक्शन परिसर के स्टैंड में धमाके से शासन तक खलबली मच गई। इसकी वजह से अफसरों को भी घटनास्थल की छानबीन करनी पड़ी।
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पुलिस और रेलवे अफसरों ने भले ही इसे देशी बम का धमाका बताकर पल्ला झाड़ लिया हो, लेकिन घटना ने रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा जांच पर तो सवालिया निशान लगा ही दिया है। पहली बात तो ये कि रेलवे स्टेशन हमेशा से आतंकवादियों के निशाने पर रहे हैं। वाहन स्टैंड में ही पहले भी धमाके हो चुके हैं। ऐसे में स्टेशन परिसर में लगातार जांच के आदेश हैं। सवाल है कि भले ही यह देशी बम था मगर बारूद की स्टेशन परिसर में मौजूदगी ही अपने आप में गंभीर बात है। जब रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के दौरे के चलते जांच की जा रही थी तो पॉलीथिन में देशी बम की मौजूदगी को सुरक्षा शाखाएं क्यों नहीं पता लगा सकीं। फिर बिना बारूद के नमूने की जांच कराए इसे पटाखा या देशी बम कहकर खारिज करना भी लापरवाही दिखाता है।
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