धूमनगंज थाना के तहत चौफटका इलाके में सेना के फार्म हाउस के पास बाइक से जा रहे आबकारी निरीक्षक इंद्रजीत गर्ग और सिपाही शशांक सिंह को दो बाइक पर सवार युवकों ने गोली मार दी। हमले में इंस्पेक्टर को हाथ में छर्रे लगे हैं, जबकि सिपाही की हालत बेहद गंभीर है। उसके सीने में गोली धंसी है। इसकी खबर महकमे में पहुंची तो हड़कंप मच गया। एसएसपी आकाश कुलहरि ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से घटना के बारे में जानकारी ली। हमले का आरोप आबकारी के ही निलंबित सिपाही के बेटे पर लगा है।
गुरुवार की दोपहर करीब बारह बजे आबकारी निरीक्षक इंद्रजीत गर्ग और सिपाही शशांक सिंह बाइक से मुंडेरा स्थित देसी शराब के गोदाम को चेक करने निकले थे। चौफटका के पास उन पर हमला किया गया। हमलावरों में दो युवकों ने पहले ओवरटेक कर इंस्पेक्टर की बाइक रोकी। इसी दौरान पीछे एक दूसरी बाइक पर सवार दो अन्य युवकों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। एक गोली शशांक के पीछे कंधे से होकर छाती में धंस गई। दूसरी गोली के छर्रे इंद्रजीत के बाएं हाथ में लगे। उसी समय इंस्पेक्टर ने गोली लगने की सूचना जिला आबकारी अधिकारी और पुलिस कंट्रोल रूम को दी। दोनों घायलों को आसपास के लोगों ने प्राइवेट वाहन से एसआरएन अस्पताल में भेजा। वहां एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी सिटी सिद्धार्थ मीना, सीओ प्रथम सहित पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए।
यहां घायलों ने एसएसपी से बताया कि इस हमले में आबकारी के निलंबित सिपाही अनिल सिंह के बेटे राहुल का हाथ है। गोली उसी ने मारी है। अनिल सिंह किसी और के नाम से करेली में शराब की दुकान चलवा रहा है। 23 जून को दुकान में छापे के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की गई थी। उस दिन बहस भी हुई थी। इस घटना के बाद उच्च अधिकारियों ने सिपाही को निलंबित कर मऊ जिले से संबद्ध कर दिया था। उसके बाद से कई बार सिपाही और उसका बेटा राहुल जान से मारने की धमकी दे चुके थे। एसएसपी को बताया कि हमला करने वालों में राहुल सिंह और उसके तीन साथी थे। उनके बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।
इंस्पेक्टर इंद्रजीत गर्ग और सिपाही शशांक सिंह का कहना है कि पांच दिन पहले आजमगढ़ के डिप्टी कमिश्नर के यहां निलंबित सिपाही के खिलाफ चल रही विभागीय जांच में उन्होंने बयान दिया था। उसी खुन्नस के चलते अनिल के बेटे राहुल ने हमला किया है।