सिविल लाइंस में कॉफी हाउस के सामने सोमवार रात कुछ लोगों ने मकान कब्जाने की कोशिश की। विरोध पर तोड़फोड़ शुरू कर दी और धमकी दी। आरोप है कि बाहुबली पूर्व सांसद के गुर्गों के साथ मिलकर शहर के एक नामी बिल्डर ने मकान कब्जाने की नीयत से धावा बोला। भुक्तभोगी का कहना है कि उन्होंने सिविल लाइंस थाने में मामले की शिकायत की है।
मेहंदौरी निवासी अजय चतुर्वेदी हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिविल लाइंस में कॉफी हाउस के सामने उनका मकान है। इस मकान पर एक बाहुबली पूर्व सांसद और बिल्डर की नजर है। 2010 में उनके मकान में रहने वाले किरायेदार को भगा कर बाहुबली पूर्व सांसद के गुर्गों ने मकान के कुछ हिस्से पर कब्जा कर लिया। इस संबंध में न्यायालय में मामला विचाराधीन है। अधिवक्ता का आरोप है कि सिविल लाइंस पुलिस की लापरवाही के चलते अब आरोपी पक्ष मकान के बाकी बचे हिस्से पर भी कब्जा करना चाहता है।
इसी के तहत सोमवार रात बाहुबली पूर्व सांसद के गुर्गे व बिल्डर पहुंचे और मकान पर कब्जा करने की कोशिश की। विरोध पर तोड़फोड़ भी की। मंगलवार दोपहर भुक्तभोगी अधिवक्ता ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की है। हालांकि पुलिस ऐसी किसी भी शिकायत मिलने से इंकार करती रही। इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
लीपापोती करने में लगी है पुलिस
अधिवक्ता ने बताया कि मामला 2010 से न्यायालय में चल रहा है। पूर्व में नौ नवंबर 2010 को मकान के विवाद को लेकर सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इस मामले में पुलिस ने लीपापोती करते हुए एफआर लगा दी। इस पर रिट दाखिल कर मांग की गई तो हाईकोर्ट ने पुन: जांच करने का आदेश दिया। यह भी कहा कि तीन महीने में फिर से जांच की जाए। हालांकि पुलिस लापरवाह बनी रही। इस पर अवमानना याचिका दाखिल की गई। वर्तमान में भी मामला सीजेएम न्यायालय में विचाराधीन है।