वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड पुणे और इलाहाबाद में बैठे हैं। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को पकड़ा गया इलाहाबाद का अजहद उर्फ अरशद सिर्फ मोहरा है। गिरोह का संचालन इंजीनियरिंग के छात्र कर रहे हैं। एसटीएफ छात्रों का ब्योरा खंगाल रही है। एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि अजहद से जल्द पूछताछ करके गैंग के बारे में और जानकारियां जुटाई जाएंगी। शुरुआती पूछताछ में इलाहाबाद में इंजीनियरिंग के चार छात्रों के बारे में पता चला है। एसटीएफ की इलाहाबाद इकाई और स्थानीय पुलिस उन्हें तलाश रही है। पुणे के भी कुछ इंजीनियरिंग छात्र गिरोह से जुड़े हैं। हरियाणा में भी गिरोह की सक्रियता सामने आई है। सारी जानकारियां जुटाकर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मालूम हो कि हरियाणा के पंकज गर्ग ने एसटीएफ के साइबर क्राइम थाने में बिटकॉइन के नाम पर 50000 रुपये ठगने का केस दर्ज कराया था। इसकी जांच में एसटीएफ की पड़ताल में इलाहाबाद के अजहद उर्फ अरशद का नाम सामने आया। बृहस्पतिवार को एसटीएफ ने अजहद को चारबाग रेलवे स्टेशन से दबोच लिया था।
लखनऊ की वेबसाइट की पड़ताल
एसटीएफ ने इसकी पड़ताल शुरू कर दी है। एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि वेबसाइट किसने बनाई? इसका काम क्या है? अब तक उक्त वेबसाइट के जरिए कितने बिटकॉइन का किस तरह से ट्रांजेक्शन हुआ? किन-किन लोगों ने ट्रांजेक्शन किया। ऐसी तमाम जानकारियां जुटाई जा रही हैं।