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अरबपति ठग के पीछे आठ जिलों की पुलिस

Sun, 03 Jul 2016 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एक अदना सा आदमी मोटी कमाई का लालच दिखाकर हजारों लोगों से कई सौ करोड़ रुपये ऐंठकर फरार हो गया। इस अरबपति ठग के पीछे आठ जिलों की पुलिस लगी है। पीड़ित भी जहां-तहां उसकी तलाश में भटक रहे हैं। इलाहाबाद, कौशाम्बी, फतेहपुर समेत आठ जिलों में उसके खिलाफ फ्राड के मुकदमे दर्ज हैं। इलाहाबाद क्राइम ब्रांच से भी मदद मांगी गई है ताकि उसे दबोचकर पीड़ितों से ठगे गए पैसे वापस किए जा सकें। मगर यह शातिर ठग पत्नी और भाई समेत भागा हुआ है। उसके गांव वाले भी उसे खोज रहे हैं क्योंकि वे भी उसकी ठगी का शिकार हुए हैं।
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यह ठग है राजेश मौर्या। फतेहपुर में खागा इलाके के खजुरियापुर गांव का रहने वाला है। उसने तीन साल पहले आरकेएम शिक्षण संस्थान, हमारा मिशन इंडिया मार्केटिंग लिमिटेड समेत कई एनजीओ खोलकर लोगों को झांसा दिया कि उसके एनजीओ से जुड़ने के लिए तीन सौ रुपये दें तो उन्हें साल भर तक सौ रुपये हर महीने मिलेंगे। इस तरह से उसने सैकड़ों गरीबों से पैसे लिए और कुछ महीने तक तीन सौ के बदले सौ-सौ रुपये दिए, जिससे लोगों का भरोसा उस पर बढ़ता गया। उसने यहां मानसरोवर सिनेमाघर के पास दफ्तर खोलकर फतेहपुर से लेकर कौशाम्बी, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर समेत कई जिलों में फर्जीवाड़ा का जाल फैला दिया। उसने तीस हजार रुपये जमा करने पर साल भर तक हर महीने 10 हजार रुपये देने का लालच दिया तो लोग जुड़ते गए। आलम यह कि किसी ने दस लाख तो किसी ने 35 लाख रुपये लगा दिए। एक बार आयकर विभाग ने छापा मारा तो उसके दफ्तर में 70 लाख रुपये रखे मिले थे। भरोसा बढ़ाने के लिए उसने कुछ लोगों को दो-तीन महीने पैसे लौटाए फिर कई सौ करोड़ रुपये जुटाकर वह कुछ महीने पहले पत्नी पूजा मौर्या और साथियों समेत फरार हो गया।

लाखों रुपये जमापूंजी लगाने वाले लोग अब उसकी तलाश में भटक रहे हैं। कीडगंज निवासी अधिवक्ता श्रीकांत केसरवानी ने कोतवाली में उसके खिलाफ 18 लाख 30 हजार रुपये हड़पने का केस लिखाया जिसमें राजेश मौर्या के साथ उसकी पत्नी पूजा मौर्या, सारंगापुर घूरपुर निवासी साथी मोहम्मद शरीफ मंसूरी को भी नामजद किया गया है। श्रीकांत उसकी तलाश में फतेहपुर में उसके गांव खजुरियापुर गए तो पता चला कि उसने गांव वालों और प्रधान को भी ठगा है। फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष में भी राजेश के खिलाफ कई केस दज हैं। कौशाम्बी में भी मुकदमा लिखा गया है। पीड़ितों के लिए पैरवी कर रहे जनहित संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमिल केसरवानी का कहना है कि राजेश ने दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है। अरबपति ठग की गिरफ्तारी के लिए वह क्राइम ब्रांच से भी मिल चुके हैं। पुलिस उसके सहयोगी मंसूरी को पकड़ ले तब भी राजेश की गिरफ्तारी में मदद मिल सकती है।  
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