रात्रि जागरण के बाद रविवार दोपहर संगम में प्रतिमा विसर्जन करने के दौरान नाव पलटने से चार लोग गहरे जल में डूबने लगे। तीन लोगों को बचा लिया गया लेकिन एक युवक गंगा में समा गया। लोगों ने शोर मचाया तो खलबली मच गई। गोताखोरों के साथ ही जल पुलिस को भी डूबे युवक की तलाश में लगाया गया। करीब घंटे भर बाद अरैल के पास उसका शव मिला।
सिविल लाइंस में कानपुर रोड के पास रहने वाले निरंजन कुमार एडीसी में लिपिक हैं। उनकी चार बेटियों में इकलौता पुत्र अमित राज उर्फ मोनू (30) फोटोग्राफी करता था। उसने मुहल्ले वालों के साथ मिलकर शनिवार रात देवी जागरण का आयोजन कराया था। रविवार दोपहर अमित समेत मुहल्ले के कई लोग प्रतिमा को विसर्जन की खातिर संगम ले गए। नाव पर प्रतिमा रखकर अमित समेत संजीव गुप्ता, सौरभ और विकास संगम की तरफ रवाना हुए। नाव आगे पहुंची तभी असंतुलित होकर पलट गई। उस पर बैठे लोग डूबने लगे। नाव पलटी देख कई नाविक उधर आ गए।
संजीव, सौरभ और विकास को गहरे पानी से खींचकर बचा लिया गया मगर अमित डूब गया। हल्ला मचा तो तमाम और भी गोताखोरों के साथ जल पुलिस भी पहुंची। खोजबीन के दौरान करीब घंटे भर बाद अमित अरैल के पास मिला लेकिन उसकी सांस थम चुकी थी। इस बीच घटना की जानकारी पाकर अमित के परिजन और मुहल्ले वाले भी वहां आ गए। अमित की मां का देहांत हो चुका था। पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
संगम नोज पर रविवार सुबह कचरा साफ करने वाली संस्थाओं के लोगों ने तकरीबन 45 साल के अज्ञात व्यक्ति का शव देखा तो आसपास मौजूद घाटियों को बताया। फिर पुलिस को सूचना दी। पुलिस काफी देर बाद पहुंची और शव को सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।