शहर के दारागंज इलाके में डॉ. दिव्या सिंह की मौत की घटना में तीसरे दिन नया मोड़ आ गया है। दिव्या की मां गिरिजा सिंह समेत मायके वालों का इल्जाम है कि उनकी बेटी को साजिशन मारकर फंदे पर लटका दिया गया। उनका आरोप है कि दिव्या के पति का दूसरी औरत से नाजायज रिश्ता था। इसका विरोध करने पर ही उसे मार दिया गया और कहानी गढ़ी कि उसने पति का आईएएस में चयन न होने से दु:खी होकर फांसी लगा ली। मां का आरोप है कि दिव्या को शादी के बाद से दहेज में 20 लाख रुपये कम लाने पर यातना दी जा रही थी। दारागंज पुलिस ने तहरीर लेकर दिव्या के पति संजय, ससुर, ननद समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना का मुकदमा लिखकर छानबीन शुरू कर दी है।
शंकरगढ़ में टिकरौंही खुर्द गांव के कुंवर बहादुर सिंह ने ढाई साल पहले बेटी डॉ. दिव्या (26) की शादी दारागंज के डॉ. संजय के साथ की थी। डॉ. दिव्या बीएचएमएस करने के बाद पीजी कोर्स कर रही थीं। जबकि उनके पति डॉ. संजय सिंह मिर्जापुर में सरकारी डॉक्टर हैं। उनकी तैनाती लालगंज में है। बुधवार रात दारागंज स्थित ससुराल में दिव्या के फांसी लगाकर जान देने की बात सामने आई। ससुराल वालों का कहना था कि पति का आईएएस में चयन न होने से वह दु:खी थी। बेटी की मौत से गम में डूबे पिता कुंवर बहादुर सिंह, मां गिरिजा और भाई गौरव का आरोप है कि उनकी बहन की इच्छा डॉक्टर से शादी की थी।
इसलिए डॉक्टर से ही उसका ब्याह किया गया। यह सरासर झूठ है कि उसने पति संजय का आईएएस में चयन नहीं होने से निराश होकर आत्महत्या की। उसे साजिशन मारकर लटकाया गया है। डिग्री के कपड़े का फंदा बनाकर फांसी पर लटकाकर हत्या को आत्महत्या का रूप दिया गया। भाई गौरव का कहना था कि फांसी पर लटकने के बाद दिव्या का पैर जमीन को छू रहा था। जो यह साबित करता है कि उसे मारकर लटकाया गया है। दिव्या की मां गिरिजा ने शुक्रवार शाम को दारागंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में 20 लाख रुपये कम लाने की बात कर यातना दे रहे थे।
आरोप है कि संजय का दूसरी औरत से प्रेम संबंध है, जिसके चलते वह उनकी बेटी को प्रताड़ित करता था। आरोप है कि संजय ने अपने रिश्तेदार मंजीत सिंह, धीरज सिंह और अजीत सिंह के साथ मिलकर दिव्या की हत्या की है। इंस्पेक्टर दारागंज बीपी त्रिपाठी ने बताया कि दिव्या की मां की तहरीर पर पति समेत सात के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है।
इस मामले में दिव्या की सास को मायकेवालों ने नामजद नहीं किया है। इस बारे में दिव्या के भाई गौरव सिंह का कहना था कि बहन ने कभी सास की शिकायत नहीं की थी। उसने जिन लोगों को दहेज के लिए प्रताड़ित करने क ी बात कही थी, उन्हें ही नामजद किया गया है।