डॉ. एके बसंल के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। हत्याकांड के 72 घंटे बाद भी पुलिस हवा में हाथ-पांव मार रही है। इससे भड़के डॉक्टरों ने 17 जनवरी, मंगलवार को देश व्यापी हड़ताल की घोषणा कर दी है। रविवार को भी इलाहाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब बंद रहे। मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। सोमवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
कातिलों की गिरफ्तारी न होने से डॉक्टरों ने जबर्दस्त गुस्सा है। पुलिस कातिलों का सुराग लगा पाने में अब तक नाकाम है। पुलिस की छानबीन कर्मचारियों के बयान दर्ज करने और चश्मदीदों से पूछताछ तक ही अटकी हुई है। रविवार को इलाहाबाद आए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. आरएन टंडन ने स्थानीय डॉक्टरों के साथ बैठक करने के बाद मंगलवार को दो घंटे के लिए देश व्यापी हड़ताल की घोषणा कर दी। तय हुआ कि देश भर में निजी अस्पतालों में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी सेवाएं ठप रखी जाएंगी। इस दौरान मरीज भी भर्ती नहीं किए जाएंगे। वहीं, इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) ने सोमवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया।
डॉक्टरों ने रविवार को भी निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप रखीं। इमरजेंसी में भी मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। पैथोलॉजी लैब भी पूरी तरह से बंद रहे। निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप हो जाने से मरीजों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ी। इसका असर सरकारी अस्पतालों में देखने को मिला। वहां इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। अकेले एसआरएन अस्पताल में ही 100 से अधिक मरीज इमरजेंसी में भर्ती किए गए। उधर, एक दिन की हड़ताल के बाद रविवार की छुट्टी होने के नाते ज्यादातर मेडिकल स्टोर बंद रहे लेकिन सोमवार से दवा की दुकानें खुल जाएंगी।
‘पुलिस को 40 घंटे का वक्त दिया गया है। कातिलों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो मंगलवार को दो घंटे के लिए देश व्यापी हड़ताल होगी। आईएमए मामले की सीबीआई जांच की मांग करता है।’
डॉ. आरएन टंडन, राष्ट्रीय महासचिव (इंडियन मेडिकल एसोसिएन)