चंद्रौल अस्पताल के निदेशक डॉ.जेके सिंह की मौत हादसे में नहीं हुई बल्कि उनका सुनियोजित ढंग से कत्ल किया गया था। मंगलवार को डॉक्टर के साले विजय किशोर सिंह ने बमरौली में रहने वाले ईंट-भट्ठा मालिक शकील और उसके साथियों के खिलाफ कौशाम्बी के कोखराज थाने में हत्या का नामजद केस दर्ज करा दिया। आरोप है कि पहले भी कई बार धमकी दे चुके इस व्यक्ति ने घटना वाले दिन दोपहर में ही ट्रक से गाड़ी को कुचलवाने की कोशिश की थी। उस वक्त नाकाम रहने पर शाम को फिर ट्रक से गाड़ी में टक्कर मरवा दी, जब डॉक्टर अपने साले और साथी संग कोखराज में निर्माणाधीन अस्पताल से शहर लौट रहे थे।
मूल रूप से चित्रकूट में राजापुर निवासी डॉ.जेके सिंह ने बरसों पहले धूमनगंज में पोंगहट पुल के पास चंद्रौल अस्पताल खोला था। वह कोखराज में रेही बाईपास पर दूसरा अस्पताल बनवा रहे थे। रविवार शाम वह निर्माणाधीन अस्पातल से लौट रहे थे, तभी पन्नोई के पास ट्रक ने जाइलो में टक्कर मार दी थी। इस घटना में डॉ.जेके सिंह की मौत हो गई, जबकि साले विजय किशोर समेत चार लोग घायल हो गए। परिजन और रिश्तेदार तभी आशंका जता रहे थे कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है। मंगलवार को साले विजय किशोर की तरफ से बमरौली में लाल बिहारा निवासी मो. शकील के खिलाफ कोखराज थाने में हत्या का मुकदमा लिखा गया। चित्रकूट में कर्वी इलाके के निवासी विजय किशोर ने लिखा है कि वह जीजा डॉ.जेके सिंह के साथ ही रहता है। लाल बिहारा मोहल्ले में रहने वाले मो. शकील से डॉक्टर की लंबे समय से गहरी दुश्मनी है।
रेही बाईपास कोखराज में शकील ने डॉक्टर के दो प्लाट पर जेसीबी से दुकान तोड़कर जबरन कब्जा कर लिया था। विरोध पर कई बार असलहाधारियों के साथ आकर धमकी दी थी। कुछ महीने पहले अस्पताल पर बम से हमला भी कराया था। डॉक्टर की पत्नी गीता सिंह ने शकील और उसके भाई साकिब के खिलाफ कोखराज थाने में केस दर्ज कराया था। जमीन के मुकदमे में एसडीएम चायल के आदेश पर तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल ने पैमाइश की तो पाया कि शकील ने जबरन अवैध कब्जा किया है। पैमाइश के दौरान भी शकील ने बुरे अंजाम की धमकी दी थी। डॉक्टर ने उस जमीन पर दुबारा दुकान बनवा दी थी जिससे शकील बौखलाया था। उसकी धमकी की वजह से डॉक्टर हमेशा लाइसेंसी पिस्टल साथ रहते थे। इसके अलावा दो गनर भी उनके साथ रहते।
लोगों ने दी श्रद्धांजलि
डॉक्टर जेजे सिंह की मौत पर स्थानीय लोगों, व्यापारियों व चिकित्सकों ने शोक व्यक्त किया और श्रद्धांजलि भी दी। शोक व्यक्त करने वालों में तारिक सईद अज्जू, अखिलेश सिंह, राजेश गुप्ता, धनंजय सिंह, डॉ. भूपेश द्विवेदी, पंकज यादव, अतुल केसरवानी, मुकेश केसरवानी, डॉ. पीयूष, डॉ. श्रीवास्तव, डॉ. राजीव सिंह, सुरेश चंद्र केसरवानी, पिंटु श्रीवास्तव, सुशील केसरवानी, आसिफ कफील, रणजीत सिंह, सुंदर लाल पटेल, अंशुमान आदि रहे। वहीं अखिल भारतीय कूर्मी क्षत्रिय महासभा की ओर से भी शोक व्यक्त किया गया। इस दौरान सचिव श्यामसुंदर पटेल, लेखराज सिंह, चंद्रभान सिंह, जीपी सिंह, वीडी सिंह, राम सिंह, रामप्रकाश सिंह, गुलाब सिंह, लोकनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।
कुछ घंटे पहले भी की थी हत्या की कोशिश
विजय किशोर ने पुलिस को बताया कि 10 दिन पहले हाईकोर्ट ने शकील के खिलाफ दर्ज मुकदमे में सही जांच और कार्रवाई का आदेश जारी किया था। इसी वजह से शकील ने हत्या की साजिश रची। रविवार दोपहर डॉ.जेके सिंह जाइलो गाड़ी में साले विजय, अपने साझेदार पंकज यादव, दो गनर मलखान सिंह और विचित्र बहादुर के साथ रेही बाइपास पर निर्माणाधीन हॉस्पिटल देखने जा रहे थे। गाड़ी विजय चला रहा था। दोपहर दो बजे महगांव के पास शकील ने ओवरटेक कर गाड़ी रोकी तो पीछे से ट्रक ने टक्कर मारने की कोशिश की। विजय के मुताबिक, उसने तेजी से जाइलो मोड़ी तब भी हल्की टक्कर लग गई थी। वहां से वे लोग रेही चले गए। फिर शाम पांच बजे शहर लौटते समय पन्नोई के पास सामने से आ रहे ट्रक को देख विजय ने जाइलो सड़क से नीचे उतार दी, मगर तब भी ट्रक ने आकर टक्कर मार दी। फिर उसमें से ड्राइवर उतरकर कुछ दूर पर खड़ी शकील की गाड़ी की ओर भाग गया। घायल डॉ.जेके सिंह ने तभी कहा था कि शकील ने गद्दारी की है। विजय की तहरीर पर शकील, उसके कुछ साथी, रिश्तेदार तथा थाने में सीज ट्रक के अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ दफा 302 में केस लिखकर पुलिस जांच कर रही है।