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खाना न मिलने पर ढाबा मालिक को गोली से उड़ाया

Sun, 03 Jul 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यमुनापार के मांडा इलाके में शुक्रवार रात पल्सर बाइक से पहुंचे बंदूकधारी युवकों ने ढाबे में खाना न मिलने पर मालिक बबलू सोनकर (35) को गोली से उड़ा दिया। फायरिंग की आवाज पीछे बर्तन साफ करा भाई भागकर आया तो हमलावर बाइक से भागने लगे। शोरगुल मचा तो गांव के लोग आ गए। हमलावरों को खदेड़ लिया गया। कुछ दूर आगे जाकर हमलावरों की बाइक फिसल गई और गांववालों के हत्थे एक बदमाश चढ़ गया। उसके दो साथी उसे छोड़कर भाग निकले। मांडा पुलिस एक आरोपी को हिरासत में लेकर छानबीन कर रही है। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद ढाबा मालिक का शव गांव पहुंचा तो लोगों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम का प्रयास किया लेकिन सीओ मेजा और एसडीएम के आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद मान गए। 
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मांडा के गिरधरपुर गांव का बबलू सोनकर दो भाइयों में बड़ा था। वह मांडा-कोरांव मार्ग पर ढाबा चलाकर परिवारवालों का भरण-पोषण करता था। शुक्रवार रात लगभग साढ़े 11 बजे ढाबे की साफ-सफाई कर रहा था। छोटा भाई ननकऊ ढाबे के पीछे बर्तन साफ कर रहा था। तभी पल्सर बाइक से तीन युवक पहुंचे। उनमें से एक के पास दोनाली बंदूक थी। युवकों ने बबलू को तीन प्लेट खाना लगाने का आर्डर दिया। बबलू ने बताया कि खाना खत्म हो चुका है। वह ढाबा बंद करने जा रहा है। खाना न मिलने से शराब के नशे में धुत युवक  आपे से बाहर हो गए। वे बबलू को गाली देने लगे। इसी बीच एक युवक ने दोनाली बंदूक बबलू के सीने पर सटाकर गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर ननकऊ भागकर पहुंचा तो बबलू जमीन पर खून से लथपथ तड़प रहा था। शोरगुल मचा तो गांव के लोग दौड़े। हमलावर बाइक लेकर भागे तो गांव के लोगों ने खदेड़ लिया। आगे जाकर बदमाशों की बाइक फिसल गई और गिर पड़े। पीछे बैठे दोनों बदमाश तो भाग निकले लेकिन एक को ग्रामीणों ने दबोच लिया। तब तक खबर पाकर मांडा पुलिस तक पहुंच गई। सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे भी मौके पर पहुंच गए। पकड़े गए युवक श्रीकांत दुबे निवासी दशवार मांडा से पूछताछ के बाद फरार हुए उसके दोनों साथियों गुलाब मिश्र और अवधेश मिश्र निवासी दशवार मांडा की तलाश में दबिश दी गई लेकिन वे नहीं मिले। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार शाम को बबलू का शव गांव लाया गया तो कोहराम मच गया। पत्नी लालती देवी और मां अंशा देवी शव से लिपटकर रोते-रोते बेहोश हो गईं। चारों बेटियों बिंदू, इंदू, रति, बबिता और बेटों निखिल, अर्पित क ा रोकर बुरा हाल था। गांव के लोगों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम का प्रयास किया। सीओ मेजा और एसडीएम ने पावर प्लांट में नौकरी और मुख्यमंत्री कोष से दो लाख रुपये दिलाने का आश्वासन देकर मामला संभाला। एसडीएम ने तात्कालिक मदद के तौर 30 हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए घरवालों को दिया। 

-खाना न मिलने पर ढाबा मालिक की गोली मारकर हत्या की गई। एक आरोपी को दोनाली बंदूक समेत पकड़ लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।-जीतेंद्र दुबे सीओ मेजा ।
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पहले भी हुई थी कहासुनी
यमुनापार के मांडा में ढाबा मालिक बबलू सोनकर की हत्या के पीछे एक हफ्ते पहले हुई कहासुनी भी एक वजह है। दरअसल हत्या में नामजद तीनों आरोपी अक्सर बबलू के ढाबे पर खाने आया करते थे। वे एक हफ्ते पहले भी आए थे तब खाने का भुगतान नहीं किया था। इसे लेकर बबलू से उनकी कहासुनी हुई थी। शुक्रवार रात जब वे तीनों पहुंचे और खाने का आर्डर दिया तो बबलू ने कहा कि खाना नहीं है। इस पर तीनों ने बंदूक दिखाकर धमकाया कि  बनाकर खिलाओ तो उसने बताया कि अब खाना नहीं बन सकता है। बर्तन साफ कि या जा रहा है। यह सुनते ही आरोपियों का पारा चढ़ गया। तीनों को लगा कि बबलू जान बूझकर उन्हें खाना खिलाने से इंकार कर रहा है। इससे तिलमिलाए बदमाशों ने गोली मार दी। जिले में ढाबे पर खूनखराबे की कई घटनाएं हो चुकी हैं। तीन महीने पहले घूरपुर इलाके में ढाबा मालिक को गोली मारी गई थी। फाफामऊ इलाके में एक ढाबा मालिक की गोली मारकर हत्या की गई थी।  
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