सीआरपीएफ के पूर्व सिपाही नसीम खां को मंगलवार सुबह सोरांव इलाके में गोली और बम मारकर मौत की नींद सुला दिया गया। वह सुबह घर से टहलने निकला था तभी सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के गेट के सामने उस पर बाइक सवार बदमाशों ने हमला किया। पहले बम मारा फिर सिर पर गोली दाग दी। राहगीरों से खबर पाकर पुलिस और परिवार के लोग आ गए मगर उसकी वहीं मौत हो गई थी। छोटे भाई ने चार अज्ञात कातिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें बताया कि घटना के वक्त वह भी साथ था।
यह भी बताया कि बदमाश उसके भाई की लाइसेंसी पिस्टल और सोने की दो चेन भी लूट ले गए। पुलिस ने जांच शुरू की है लेकिन मंगलवार रात तक कातिलों का पता नहीं चल सका। मूल रूप से प्रतापगढ़ में दहिलामऊ निवासी मुनीर खां के चार बेटों में 50 वर्षीय नसीम खां बड़ा था। कुछ साल पहले सीआरपीएफ में सिपाही की नौकरी छोड़ने के बाद वह थरवई के इस्माइलगंज बाजार में परिवार सहित रहकर प्रापर्टी डीलिंग के धंधे से जुड़ गया था। परिवार में पत्नी सैफुलनिशां और बेटी मुजहत खां है। नसीम रोज सुबह टहलने जाता था।
मंगलवार सुबह करीब छह बजे घर से निकलकर करीब एक किलोमीटर दूर उदयचंद्रपुर गांव स्थित सीआरपीएफ सेंटर तक पहुंचा तभी उत्तरी गेट के निकट उस पर हमला हुआ। बताया गया कि वहां दो बाइक से चार बदमाशों ने नसीम को घेरा। पहले दो बम पटके। एक बम उसके बाएं हाथ पर लगकर फटा तो वह गिर गया। फिर एक बदमाश ने पास जाकर नसीम के सिर पर तमंचे से फायर कर दिया। नसीम वहीं ढेर हो गया। बम और गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग उधर दौड़े तो बाइक से बदमाश भाग गए। उनमें एक बाइक लाल रंग की पल्सर थी। खबर पाकर सीओ सोरांव दुर्गा प्रसाद तिवारी सोरांव और थरवई थाने की पुुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
घटना की जानकारी पाकर नसीम के परिवार के लोग भी वहां रोते-कलपते आ गए। छोटे भाई आरिफ ने पुलिस को बताया कि वह भी नसीम के साथ था। वह कुछ पीछे था, जब बदमाशों ने नसीम पर हमला किया। आरिफ ने कहा कि हमलावर उसके भाई की लाइसेंसी पिस्टल और सोने की दो चेन भी लूट ले गए। कत्ल और लूट की इस वारदात में पुलिस को प्रापर्टी डीलिंग की रंजिश का शक है। इसी पहलू पर पुलिस ने जांच शुरू की है।