मोबाइल और पर्स चोरी के शक में फौजी ने साथियों संग मिलकर आइसक्रीम का ठेला लगाने वाले सूरज कुमार (28) निवासी खपटिहा हंडिया को इस कदर पीटा कि उसकी मौत हो गई। रविवार को कैंट इलाके में सप्लाई डिपो के पास झाड़ी में अज्ञात युवक का शव मिला था। दूसरे दिन शिनाख्त हुई। पुलिस ने छानबीन की तो हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी फौजी यशवंत कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस लाइन में मंगलवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि फौजी यशवंत कुमार मौर्य निवासी देवरा दाउदपुर गोसाईंगंज, फैजाबाद की तैनाती कैंट इलाके में है। यहीं उसका कमरा भी है। उसके कमरे पर गांव से उसका दोस्त राजबहादुर आया था। दोनों रविवार दोपहर बाइक से माघ मेला स्नान के लिए गए। बाइक सूरज कुमार के आइसक्रीम के ठेले के सामने खड़ी की। स्नान कर लौटे तो उनका पर्स और मोबाइल गायब था। फौजी और राजबहादुर का शक सूरज पर गया।
दोनों सूरज को बाइक पर पूछताछ के बहाने अपने कमरे पर उठा लाए। उसे कमरे में इतना पीटा कि सूरज अधमरा हो गया। सूरज को कमरे में बंद कर वे सूरज के बगल में ठेला लगाने वाले ब्रजेश को उठाकर ले आए तो देखा कि सूरज की मौत हो चुकी है। दोनों ने ब्रजेश को धमकाकर छोड़ दिया। इसके बाद फौजी ने राजापुर निवासी सराफा दुकानदार चंदन सोनकर बुलाया। चंदन की काले रंग की कार में सूरज का शव भरकर तीनों सप्लाई डिपो के पास झाड़ी में फेंककर भाग निकले। खबर पाकर कैंट पुलिस पहुंची। जांच में हत्या की बात सामने आई लेकिन शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। दूसरे सोमवार को सूरज के पिता राजेंद्र केसरवानी लापता बेटे को खोजते हुए चीरघर पहुंचे तो शिनाख्त की। बताया कि सूरज उनका इकलौता बेटा था। कैंट पुलिस ने ब्रजेश को उठाया तो पूरी कहानी खुल गई। इंस्पेक्टर कैंट राकेश अवस्थी ने ब्रजेश की निशानदेही पर यशंवत मौर्य को दबोच लिया। पूछताछ में वह टूट गया। पुलिस ने चंदन सोनकर की तलाश में दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। सीओ सिविल लाइंस डीपी तिवारी ने बताया कि फौजी को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया गया है। राजबहादुर और चंदन की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित कर दी गई। जो उनकी तलाश में दबिश दे रही है।