पूर्व ब्लाक प्रमुख हंडिया के निवास में शनिवार रात सोते में ही उनके सरकारी गनर की कारबाइन चोरी हो गई। कारबाइन के साथ ही कारतूस भी चोरी हुए। भोर में चोरी का पता चलने पर सिपाही ने हंडिया थाने में खबर दी तो पुलिस ने जांच शुरू की। फिलहाल कुछ पता नहीं चल सका है। गनर से पूछताछ के बाद हंडिया पुलिस को शक है कि कारबाइन चोरी में पूर्व ब्लाक प्रमुख के ही घर के किसी सदस्य का हाथ हो सकता है।
हंडिया कस्बे में रहने वाले शिवराम मिश्र ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने जान पर खतरा जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसके बाद उन्हें गनर मुहैया कराने का आदेश जारी हुआ था। पिछले कई साल से उनके साथ कारबाइन से लैस एक सिपाही की तैनाती रहती है। सात जून से पुलिस लाइन से सिपाही राहुल तिवारी की शिवराम की सुरक्षा में ड्यूटी लगी थी। शनिवार रात शिवराम और उनका गनर राहुल मकान की दूसरी मंजिल के अलग कमरों में सोए थे। राहुल ने कारबाइन और कारतूस मेज पर रखा था। भोर में उसकी नींद टूटी तो मेज से कारबाइन तथा 20 कारतूस नदारद देख वह सन्न रह गया। उसने बगल के कमरे में जाकर शिवराम से पूछा मगर वह भी कुछ नहीं बता सके। फिर राहुल ने इस बारे में हंडिया थाने में खबर दी तो पुलिस ने पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर जाकर निरीक्षण किया। डॉग स्क्वॉयड के खोजी कुत्ते को भी बुलाया गया मगर कुछ भी सुराग नहीं मिल सका। शिवराम ने इसे गनर की लापरवाही करार दी जबकि गनर राहुल के बयान से पुलिस को चोरी संदिग्ध लग रही है। छानबीन की जा रही है।