दारागंज इलाके में डेरी संचालक के बेटे को उसके दोस्त बर्थडे पार्टी के लिए घर से बुला कर ले गए। फिर मारपीट कर उसे सड़क किनारे फेंक भाग निकले। बेटा घर नहीं पहुंचा तो परिजन परेशान हो गए। पुलिस की सूचना पर घर वालों ने एसआरएन अस्पताल में भर्ती युवक की पहचान बेटे के रूप में की लेकिन दूसरे दिन मुकर गए कि उनका बेटा नहीं है। डेरी संचालक की तहरीर पर दारागंज पुलिस मुकदमा लिखकर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि युवक के होश आने के बाद पूछताछ के बाद मामला स्पष्ट होगा।
अलोपीबाग के मटियारा रोड के रहने वाले पन्नालाल यादव डेरी चलाते हैं। उनका तीस वर्षीय बेटा राजू भी उनके साथ काम में हाथ बंटाता था। सात जनवरी को उसके दो दोस्त सोनल और विंकू उसे बर्थ डे पार्टी के लिए घर से बुलाकर ले गए। इसके बाद वह नहीं लौटा। कई दिन खोजबीन में जब उसका कुछ पता नहीं चला तो पिता पन्नालाल बुधवार को दारागंज थाने पहुंचे। उन्हें पुलिस ने बताया कि एक युवक दारागंज स्टेशन के पास खून से लथपथ मिला है। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पन्नालाल अस्पताल पहुंचे और भर्ती युवक की पहचान अपने बेटे के रूप में की। दूसरे दिन उन्होंने बताया कि भर्ती युवक का चेहरा काफी सूजा हुआ है। जिसके चलते वह उसे ठीक से पहचान नहीं पा रहे हैं। वह उनका बेटा है कि नहीं इसमें संदेह है। पन्नालाल ने शक के आधार पर बेटे के दोस्त सोनल और विंकू के खिलाफ पार्टी के नाम पर बुलाकर बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पुलिस ने राजू के दोस्तों से पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि पार्टी के बाद तीनों ने रेलवे स्टेशन के पास बैठकर शराब पी थी। इसके बाद वे घर चले गए। इसके बाद क्या हुआ कुछ पता नहीं। वहीं दारागंज पुलिस का कहना है कि घायल युवक के होश में आने के बाद मामला स्पष्ट होगा।