इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ए.सत्यनारायण को धमकी देने वाले छात्र नेता रजनीश सिंह के खिलाफ एफआईआर लिख ली गई है। कुलपति की शिकायत तथा खबर छपने के बाद जिला और पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हुआ। इसके बाद कुलपति की ही तहरीर पर छात्र नेता के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी रजनीश को नोटिस भेजा गया है। इसके विपरीत रजनीश ने धमकी देने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उसे फंसाया जा रहा है।
विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए रजनीश सिंह मात्र 11 वोट से ऋचा सिंह से पीछे रह गया था। कुलपति का कहना है कि 22 अक्तूबर को रजनीश उनके निजी आवास पर पहुंचा और जान से मारने की धमकी दी थी। उसने कुलपति के साथ बदसलूकी भी की। कुलपति ने डीन्स की बैठक बुलाकर इस बारे में विस्तार से चर्चा की। इसी की बाबत सोमवार को चीफ प्रॉक्टर के साथ डीन्स की फिर बैठक हुई। कुलपति को धमकी देने के मामले को जिला प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया। अफसरों ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों से संपर्क कर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद डाक से रजनीश के आवास पर नोटिस भेजा गया।
साथ में कुलपति तथा चीफ प्रॉक्टर की तहरीर पर कर्नलगंज थाना में एफआईआर लिखी गई है। वहीं रजनीश का कहना है कि मतदान से एक दिन पहले उसका नामांकन खारिज कर दिया गया। फिर गलतफहमी की बात करके उस फैसले को वापस लिया गया लेकिन इससे उसका चुनाव प्रभावित हुआ। रजनीश का कहना है कि ग्रीवांस सेल ने भी छात्रसंघ चुनाव में नियमों की अनदेखी तथा उसका चुनाव प्रभावित होने की बात कहते हुए विधिक सलाह मांगी है। इस मामले में फंसे चुनाव अधिकारी धमकी देने जैसा गलत आरोप लगा रहे हैं। रजनीश का कहना है कि जिस दिन कुलपति को धमकी देने की बात कही जा रही है उस दिन वह मुंबई में इलाज करा रहा था। सभी आरोप बेबुनियाद हैं।